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अद्धवार्षिक परीक्षाओं के बीच 3200 छात्र संख्या वाला सेंटपॉल स्कूल नगरनिगम ने किया सीलबंद

अलसुबह तहसीलदार अतिक्रमण अमला लेकर पहुंचे स्कूल, दोपहर 3 बजे अफसरों ने की तालाबंदीस्कूल प्रबंधन ने कहा- सुबह 9 बजे मिला नगरनिगम का नोटिस और कुछ ही घंटों में प्रशासन ने कर दी कार्रवाई

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कटनी

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Balmeek Pandey

Sep 17, 2023

अद्धवार्षिक परीक्षाओं के बीच 3200 छात्र संख्या वाला सेंटपॉल स्कूल नगरनिगम ने किया सीलबंद

अद्धवार्षिक परीक्षाओं के बीच 3200 छात्र संख्या वाला सेंटपॉल स्कूल नगरनिगम ने किया सीलबंद

कटनी. स्कूल में गलत आचरण पर निष्कासित किए गए दो छात्रों को जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश पर पुन: प्रवेश न देने के बाद सिविल लाइन स्थित सेंटपॉल स्कूल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। शुक्रवार को विद्यालय संचालन तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किए जाने के बाद शनिवार को फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट न होने के कारण नगर निगम के अधिकारियों ने स्कूल को सीलबंद कर दिया। स्कूल में अद्र्धवार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षाओं के बीच 3200 छात्र संख्या वाले स्कूल को सीलंबद करने से प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हजारों विद्यार्थियों व अभिभावकों में बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सीलबंद की कार्रवाई से पूर्व स्कूल खुलने के दौरान सुबह 7 बजे तहसीलदार नगरनिगम के अतिक्रमण अमले के साथ स्कूल के प्रवेशद्वार पर मौजूद दिखाई पड़े। जैसे ही छात्र-छात्राएं स्कूल पहुंचे तो अतिक्रमण अमले की टीम देखकर परीक्षा न दे पाने के डर में आ गए। हालांकि अफसरों ने बच्चों के स्कूल में प्रवेश करने से नहीं रोका और बच्चों ने स्कूल सीलबंद होने की दहशत के बीच परीक्षा दी। इस दौरान तहसीलदार, डिप्टी कमिश्नर सहित अन्य स्कूल प्रबंधन से कमरे में बैठकर चर्चा करते रहे।

छुट्टी के बाद पहुंचे नगरनिगम के अधिकारी
स्कूल की छुट्टी के बाद करीब तीन बजे नगरनिगम के अधिकारी प्रभारी कार्यपालन यंत्री राहुल जाखड़, प्रभारी सहायक यंत्री अनिल जायसवाल, उपयंत्री शैलेन्द्र प्यासी, जेपी बघेल अमले के साथ कार्रवाई के लिए पहुंचे। इस दौरान स्कूल में सिर्फ सुरक्षाकर्मी मौजूद था। अफसरों ने स्कूल पर कार्रवाई करते हुए कार्यालय में ताला जड़ते हुए सीलबंद कर दिया।

स्कूल प्रबंधन ने सर्टिफिकेट के लिए नहीं किया आवेदन
नगरनिगम के अफसरों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन हजारों बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहा है। पूर्व में नोटिस जारी होने के बाद भी फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के लिए आवेदन अबतक स्कूल प्रबंधन ने नहीं किया है। दूसरी ओर स्कूल प्रबंधन का कहना है कि पूर्व में सेफ्टी सर्टिफिकेट प्राप्त किया गया था जो अब एक्सपायर हो गया है। अग्निशमक उपकरणों की खरीदी कर आवेदन किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।

अभिभावकों की बढ़ी चिंता, अफसरों के पास नहीं जवाब
परीक्षाओं के बीच स्कूल सीलबंद होने के कारण अब अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन व नगरनिगम के बीच हमारे बच्चे ***** रहे हैं। स्कूल कबतक सीलबंद रहेगा, इसके बारे में स्कूल प्रबंधन और नगरनिगम के अफसर जवाब नहीं दे रहे हैं। प्रशासन स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई करे, बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करना वाजिब नही है।

शहर में दर्जनों स्कूल, नोटिस देने की तैयारी
सेंटपाल स्कूल पर कार्रवाई के बाद अब नगरनिगम के शहर के दर्जनभर से अधिक स्कूलों को नोटिस देने की तैयारी की है। बताया जा रहा है कि एक दर्जन से अधिक बड़े स्कूल बिना फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के संचालित है। यही हाल होटल, व्यवसायिक भवन व कार्यालयों का है।

द्वेषपूर्ण कार्रवाई का आरोप
नगरनिगम की कार्रवाई के बाद स्कूल प्रबंधन से फादर चंगाचंग जोस ने बताया कि नगरनिगम द्वारा द्वेषपूर्ण कार्रवाई की गई है। सुबह 9 बजे हमें नोटिस मिला और दोपहर 3 बजे स्कूल सीलबंद कर दिया गया। हमारे द्वारा अनुशासन का पालन न करने वाले बच्चों को स्कूल से निकाला गया था। अब डीइओ उन्हें वापस रखने के लिए बोल रहे है। हमने मना नहीं किया, सिर्फ ये कहा कि कानूनी सलाह लेने के बाद प्रवेश देंगे। प्रशासन की कार्रवाई का तरीका गलत है। यह बात सही है कि हम फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के लिए आवेदन नहीं कर पाए है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है।

बात अनुशासन की है...जो दोनों के पास नहीं
जिले के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ जब किसी स्कूल को प्रशासन ने सीलबंद किया हो। फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट सिर्फ एक बहाना है। दरअसल, प्रशासन स्कूल प्रबंधन को खुद के प्रति अनुशासित रखना चाहता है तो स्कूल प्रबंधन अपने स्वरचित अनुशासन नियमों के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहता। हालांकि दोनों के पास अनुशासन की कमी दिखाई पड़ रही है। स्कूल प्रबंधन ने प्रशासन का आदेश न मानकर उन्हें नाफरमानी की आंखे दिखाई तो प्रशासन ने भी अपनी आखों को तरेरते हुए सबक सिखाने ताकत का प्रदर्शन कर दिया। गलत आचरण पर निकाले गए दो बच्चों को अगर स्कूल प्रबंधन प्रशासन का आदेश सिर और माथे पर रखकर पुन: प्रवेश दे देता तो ये स्थितियां नहीं बनतीं। दीमक का खुराक बन रही नगरनिगम की फाइलों में दफन नोटिस झाडफ़ूंक कर बाहर नहीं निकाला जाता। बंदूक की गोली की तरह नोटिस छोड़ा नहीं जाता। खैर... फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

इनका कहना
फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट न होने के कारण स्कूल को सीलबंद किया गया है। स्कूल प्रबध्ंान को आवेदन करने कहा था लेकिन उन्होंने आवेदन नहीं किया। शहर के अन्य स्कूलों, होटल, मॉल व कार्यालयों को भी जल्द नोटिस जारी किया जाएगा।
विनोद शुक्ला, आयुक्त, नगरनिगम