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इस जिले में अजब-गजब कारनामे: बिना मान्यता के चल रहे सैकड़ों स्कूल, मानकों की उड़ा रहे धज्जियां

कोरोना काल में कई स्कूलों ने नहीं कराई मान्यता तो कई ने नवीनीकरण, इस सत्र में भी बिना मान्यता से चल रही प्रवेश प्रक्रिया व शुरू हुई पढ़ाईजिले में छोटे-बड़े मिलाकर संचालित हो रहे 527 प्राइवेट स्कूल

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कटनी

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Balmeek Pandey

Apr 17, 2022

Schools running without recognition in Katni district

Schools running without recognition in Katni district

कटनी. हाल ही में सरकार ने नई शिक्षा नीति लागू की है और शिक्षा को बेहतर करने का दावे और वादे किए जा रहे हैं, लेकिन कटनी जिले की बानगी सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे। आपको जानकर ताज्जबु होगा कि कोरोना के कहर खत्म होने के बाद भी जिले में 427 स्कूलों को मान्यता नहीं मिल सकी है। हैरानी की बात तो यह है कि पिछले दो साल साल से स्कूल बिना मान्यता के ही ऑनलाइन, ऑफलाइन पढ़ाई कराकर अंकुसूचियां थमा रहे हैं। इसका खुलासा उस समय हो रहा है जब अभिभावक एक स्कूल से टीसी लेकर दूसरे स्कूल में दाखिला के लिए जा रहे हैं।
गुरुनाक वार्ड में संचालित स्कूल से अभिभावक ने टीसी लेकर जब संकुल केंद्र में काउंटर साइन कराने पहुंचे तो पता चला कि 2020 से स्कूल की मान्यता का नवीनीकरण ही नहीं हुआ। जानकारों की मानें तो जिले में निजी स्कूलों की मनमानी का यह खेल अफसरों की मेहरबानी से फलफूल रहा है। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा में अफसरों ने मानकों को ताक में रखकर स्कूल खोलने दिया है। शिकंजा न कसे जाने से मनमानी चरम पर है और संचालक अभिभावकों से खुली लूट मचाकर शिक्षा के नाम से बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।

यह है प्रावधान
राइट टू एजुकेशन के अनुसार यदि कोई व्यक्ति बिना मान्यता के स्कूल चला रहा है तो एक लाख रुपये का जुर्माना है, पकड़े जाने पर तत्काल स्कूल बंद नहीं करता तो 10 हजार रुपये की प्रतिदिन पैनाल्टी का प्रावधान है। चेतावनी देकर नियमों का पालन कराया जाता है, इसके बाद मान्यता समाप्ति की कार्रवाई बीआरसी कर सकते हैं, लेकिन कोई भी बीआरसी नहीं कर रहे हैं। अंतिम कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी को करनी होती है। लेकिन हाल के वर्षों में जिले में एक भी कार्रवाई नहीं हुई।

खास-खास
- कटनी जिले में छोटे-बड़े मिलाकर हैं 527 हैं प्राइवेट स्कूल, अधिकांश ने दो साल में नहीं कराई मान्यता नवीनीकरण।
- कटनी ब्लॉक में 190 हैं प्राइवेट स्कूल, स्कूलों में से 170 नवीनीकरण व मान्यता के लिए आए हैं आवेदन।
- रीठी ब्लॉक में 27 आवेदन आए हैं मान्यता के लिए, कुछ करा रहे नवीनीकरण, कुछ स्कूलों ने ही कराई थी दो साल में मान्यता रिन्युअल।
- ढीमरखेड़ा में 42, 32 के आवेदन आए थे, उनके नवीनीकरण के लिए डीइओ ऑफिस फाइल भेज दी गई है। मानको का पालन न करने पर एससीएन जारी करते हैं।
- मान्यता नवीनीकरण न होने पर संकुल, बीइओ कार्यालय से नहीं हो रहे काउंटर साइन, अभिभावक हो रहे परेशान।
- संकुल केंद्र अभिभावकों से मंगा रहे मान्यता के कागज, वेंकट स्कूल की प्राचार्य के रफ टोन से अभिभावक परेशान।

इन इलाकों में संचालित हैं स्कूल
शहर क्षेत्र में भी जमकर बिना मान्यता के स्कूल चल रहे हैं। एनकेजे थाना क्षेत्र, गुरुनानक वार्ड, कुठला, माधवनगर, झिंझरी, दुबे कॉलोनी के अलावा ग्रामीण इलाकों में जमकर बिना मान्यता लिए व रिन्युअल कराए धड़ल्ले से स्कूल चल रहे हैं। बरही, बड़वारा, बहोरीबंद, रीठी, विजयराघवगढ़ सहित अन्य ब्लॉक मुख्यालय क्षेत्रों में स्कूल चल रहे हैं, जो बच्चों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

मान्यता जांच के दौरान खानापूर्ति
स्कूलों को मान्यता देने से पूर्व माशिमं और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्थल निरीक्षण व दस्तावेजों की जांच के बाद मान्यता देनी होती है। इस मान्यता की प्रक्रिया में भी खानापूर्ति चल रही है। सबसे ज्यादा गड़बड़ी बीआरसी कर रहे हैं। भौतिक सत्यापन की जिम्मेदारी कटनी, रीठी, बहोरीबंद, ढीमरखेड़ा, बड़वारा, विजयराघवगढ़ के बीआरसी की है। कई स्कूलों में गार्डन, फायर फाइटिंग सिस्टम, छात्र-छात्राओं का शौचालय अलग-अलग नहीं है। भवन भी पर्याप्त नहीं हैं। इसके बाद भी भी सभी में आके रिपोर्ट दे दी जा रही है।

इनका कहना है
जिन स्कूलों की मान्यता नवीनीकरण नहीं हुआ है उनकी प्रक्रिया चल रही है। बीआरसी कार्यालय से प्रक्रिया हो गई है। शीघ्र ही जिले की मान्यताएं जारी की जाएंगी। जो स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं और मानकों का पालन नहीं कर हैं तो जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।
पीपी सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी।