
Science Faculty not started for 29 years
कटनी. बहोरीबंद तहसील के स्लीमनाबाद में २९ साल बाद भी शासकीय कॉलेज में छात्रों को विज्ञान संकाय की पढ़ाई की सुविधा नहीं मिल पाई है। छात्रों व स्थानीय जनों की मांग पर जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई घोषणाएं भी मात्र घोषणा तक ही सीमित रही है। स्लीमनाबाद में १९८९ में शासकीय कॉलेज की स्थापना की गई थी। जिसमें कला संकाय की पढ़ाई ही छात्र कर पा रहे हैं। १२वीं की पढ़ाई साइंस विषय से करने के बाद सुविधा न होने से मजबूरी में छात्रों को जबलपुर और कटनी में अध्ययन करना पड़ रहा है तो परिवारिक परिस्थितियां ठीक न होने के कारण कई छात्र मजबूरी में दूसरे संकाय से पढ़ाई कर रहे हैं। छात्र छात्राओं को बीएससी अध्ययन के साथ ही एमए की सुविधा मिलने की आस लगी है लेकिन आज तक पूरी नहीं हो पाई है। स्थानीय जनों ने बताया कि उपतहसील अंतर्गत 51 गांव आते हैं और इन गांव के बच्चे उच्च शिक्षा के लिए स्लीमनाबाद कॉलेज में एडमीशन लेते हैं। बीएससी की सुविधा न होने से सबसे अधिक परेशानी छात्राओं को उठानी पड़ रही है। छात्राएं घर से ३० से ६० किमी. दूर अध्ययन करने को मजबूर हैं।
राज्यमंत्री ने की थी घोषणा
प्रदेश के उच्च शिक्षा, सूक्ष्म, लघु व उद्यम राज्यमंत्री संजय पाठक 22 नवंबर 2017 को उपतहसील भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। उस दौरान छात्रों ने उनके सामने बीएससी व एमए की क्लासेस शुरू कराने की मांग रखी थी। जिसमें राज्यमंत्री ने नवीन सत्र में व्यवस्था कराए जाने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक घोषणा पर अमल नहीं हो सका है।
- महाविद्यालय में बीएससी की क्लासेस प्रारंभ कराने कई बार उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर मांग की गई है। अभी तक विभाग से किसी भी प्रकार का कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
डॉ. सरिता पांडेय, प्राचार्य, शासकीय महाविद्यालय स्लीमनाबाद
- स्लीमनाबाद महाविद्यालय में साइंस विषय प्रारंभ कराने के लिए उच्च शिक्षा विभाग व उच्च शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया गया है। अभी तक मांग पूरी नही हो सकी है। कॉलेज में संकाय की कक्षाओं को लेकर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
सौरभ सिंह, विधायक बहोरीबंद विधानसभा
Published on:
18 Jun 2018 12:16 pm
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