
Bhajan trend among the youth of Katni
कटनी. शहर व जिले में युवा पीढ़ी के रुझान में बीते कुछ समय से एक सकारात्मक और प्रेरणादायक बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां पहले वीकेंड पर युवा इधर-उधर घूमते या गलत आदतों में लिप्त नजर आते थे, वहीं अब बड़ी संख्या में युवा हर रविवार भजन-कीर्तन और संकीर्तन में आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं। श्री गोविंद देव जी मंदिर में श्रीजी सेवक संकीर्तन द्वारा शुरू किया गया यह नवाचार युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह संकीर्तन हर रविवार शाम 5 से 8 बजे तक आयोजित किया जाता है, जिसमें अब तक 1000 से अधिक युवा जुड़ चुके हैं।
संकीर्तन के संस्थापक प्रतीक शर्मा ने बताया कि हर सप्ताह 30 से 50 नए युवा इस अभियान से जुड़ रहे हैं। वहीं सह-संस्थापक नितेश बसरानी ने कहा कि युवा वर्ग गलत संगत और आदतों को छोडकऱ भक्ति और सकारात्मक जीवन की ओर अग्रसर हो रहा है। आचार्य शिवम गौतम ने बताया कि कीर्तन के साथ-साथ युवाओं को भगवत प्राप्ति मार्ग और जीवन में आध्यात्म के महत्व का ज्ञान भी दिया जा रहा है, जिसे युवा गंभीरता से ग्रहण कर रहे हैं। संकीर्तन से युवाओं का सोशल सर्किल भी बढ़ रहा है, नई मित्रता और अच्छी संगत बन रही है। साथ ही सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर्स के माध्यम से भक्ति और अध्यात्म से जुड़ा कंटेंट भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
भजन और संकीर्तन से मुझे आत्मशांति की अनुभूति होती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक सुकून बहुत जरूरी है, जो यहां आकर मिलता है। भक्ति के साथ सकारात्मक ऊर्जा भी मिलती है, जिससे जीवन संतुलित और उद्देश्यपूर्ण बनता है।
सनी पांडेय।
मुझे पहले से ही संगीत में रुचि थी, लेकिन जब उसे भक्ति से जोड़ा तो एक अलग ही आनंद मिला। संकीर्तन में सेवा करने से मन प्रसन्न रहता है और ईश्वर से जुड़ाव महसूस होता है। यह अनुभव शब्दों में बयान करना कठिन है।
आशुतोष गुप्ता।
मैं पढ़ाई के साथ तबला वादन करता हूं। संकीर्तन में तबले से सेवा देने का अनुभव बेहद अलौकिक है। यहां संगीत साधना भी है और भक्ति भी, जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है और मन एकाग्र होता है।
आर्यन विश्वकर्मा।
आज का युवा मॉडर्न होने के साथ-साथ आध्यात्म से भी जुड़ रहा है। इसमें सोशल मीडिया की अहम भूमिका है। संकीर्तन के माध्यम से अच्छे दोस्त बनते हैं, सकारात्मक माहौल मिलता है और एक स्वस्थ सामाजिक दायरा तैयार होता है।
अपूर्वा जैन।
जेन जी में धर्म, भजन और अध्यात्म के प्रति रुचि तेजी से बढ़ रही है। इससे युवाओं का संपूर्ण व्यक्तित्व विकास हो रहा है। भक्ति उन्हें अनुशासन, संयम और सकारात्मक सोच की दिशा में आगे बढ़ा रही है।
ज्योति कस्तवार
भजनों को नए और आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत करने से युवा वर्ग ज्यादा आकर्षित हो रहा है। संगीत और भक्ति का यह संयोजन युवाओं के इंटरेस्ट को बढ़ा रहा है और संकीर्तन को एक नया स्वरूप दे रहा है।
देवांश गुप्ता
अब युवा बॉलीवुड गानों से ज्यादा भजनों में रुचि दिखा रहे हैं। यह बदलाव बेहद सकारात्मक है और एक नया ट्रेंड बन रहा है। इससे साफ है कि आने वाली पीढ़ी सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
अक्षत सोनी।
संकीर्तन के माध्यम से युवाओं का रुझान शास्त्रीय संगीत की ओर बढ़ा है। कई युवा इसे करियर के रूप में भी अपनाना चाहते हैं। भक्ति और संगीत का यह संगम नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है।
दिव्यांश शर्मा।
Published on:
08 Feb 2026 10:58 am
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