
पानी के लिए हाहाकार: फिर टूटी पाइप लाइन, आज घरों में नहीं पहुंचेगा पानी
कटनी. नगर निगम के अफसरों की अनदेखी और ठेकेदार की लापरवाही शहर के लाखों लोगों के लिए नासूर बन गई है। रविवार की शाम जुगाड़ के माध्यम से सुधार कर पानी रातभर टंकियों में भेजा गया, लेकिन सोमवार सुबह 6 बजे बेस धंसकने के कारण फिर से पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। लाखों लीटर पानी नाले में बह गया और शहरवासियों के लिए भीषण समस्या निर्मित हो गई। पाइप लाइन फिर टूटने की खबर लगते ही नगर निगम के अफसरों की नींद उड़ गई। आनन-फानन में सप्लाई बंद कराते हुए युद्ध स्तर पर सुधार कार्य शुरू किया गया। देररात तक कटायेघाट मार्ग में निर्माणाधीन पुलिया के ऊपर डीआइ पाइप को ठीक करने टीम डटी रही, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से शहर में पेयजल के लिए हाहाकार जैसी स्थिति निर्मित हो गई है।
रविवार सुबह तिलक कॉलेज की टंकी न भरने के कारण क्षेत्र में पानी सप्लाई नहीं हुआ। रविवार व सोमवार दोनों दिन लोग बूंद-बंूद पानी के लिए तरसे, तो वहीं शहर का अधिकांश हिस्सा प्रभावित रहा। कुछ समय के लिए कम फोर्स के साथ लोगों के घरों में पानी पहुंचा। सोमवार को पानी टंकियों में न पहुंच पाने के कारण 80 फीसदी से अधिक आबादी मंगलवार को परेशान होगी। बैराज से फिल्टर होकर प्रतिदिन आने वाले 16 एमएलडी पानी की सप्लाई नहीं हो पाएगी। टूटी हुई लाइन का महापौर प्रीति सूरी, आयुक्त सत्येंद्र धाकरे ने जायजा लिया और बेहतर तरीके से लाइन को ठीक करने अधिकारियों को निर्देश दिए। शहर में पेयजल व्यवस्था टैंकरों के माध्यम से सुनिश्चित करने की योजना बनाई। बता दें कि पुलिया निर्माण के लिए मौलाना आजाद इंजीनियरिंग कॉलेज भोपाल से मिट्टी परीक्षण कराया गया, बावजूद इसके ऐसी स्थिति बनी।
अफसर वार्ड-वार्ड जाएंगे टैंकर लेकर
नगर निगम के जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने समस्या गंभीर होते देख आनन-फानन में 9-9 वार्ड के लिए 5 दल गठित किए हैं। जिसमें प्रभारी सहायक यंत्री, उपयंत्री, इंजीनियरों व अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सुबह छह बजे से टीम वार्डों में टैंकर लेकर जाएगी और लोगों के घरों में पानी पहुंचाएगी। पांच दल हाइंडेंड के माध्यम से टैंकरों के माध्यम से पानी सप्लाई की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
डाली जा रही सीधी लाइन
डीआइ पाइप के फिर से क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद अफसरों के सामने गंभीर समस्या निर्मित हो गई है। दिनभर नए तरीके से लाइन को जोडऩे का प्रयास चलता रहा। आड़ी लाइन को अब सीधी करके जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है, ताकि प्रेशर का प्रभाव न रहे। दिनभर राहत व सुधार कार्य जारी रहा, लेकिन सुधार नहीं हो पाया।
पानी की व्यवस्था न करने से हुई समस्या
जानकारों ने बताया कि रविवार की शाम सुधार कार्य के बाद फिल्टर प्लांट से पानी टंकियों में भेजने का क्रम शुरू किया गया। रातभर पानी टंकियों में जाता रहा, लेकिन नाले के ऊपर लीकेज की समस्या बनी हुई थी। लीकेज का पानी सीधे बेस पर गिर रहा था, जिसकी वजह से सीमेंट-कांक्रीट का मलबा बह गया। स्टेज खराब होने व जमीन बैठने से फिर पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि लीकेज पानी को दूर गिराने का इंतजाम करना था। पूर्व पार्षद राजेश जाटव ने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बनाई गई। जानबूझकर लोगों को परेशान किया जा रहा है।
ठेकेदार को बचाने में जुटे नेता व अधिकारी
3 करोड़ रुपए की लागत से ठेकेदार दीपू जायसवाल द्वारा पुलिया को बनाया जा रहा है। कई माह से काम चल रहा है। बेस डाला गया है। पार्षदों ने कहा कि बेस बनाते समय पाइप लाइन के बेस को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिससे चार दिनों से शहर की जनता भीषण गर्मी में पानी के लिए परेशान है। ठेकेदार पर एफआइआर की मांग भी उठाई जा रही है, लेकिन नगर निगम के कुछ जनप्रतिनिधि व अधिकारी बचाने में जुटे हुए हैं।
वर्जन
पानी का प्रेशर अधिक होने के कारण पाइप लाइन फिर से टूट गई और पानी नाले में बहने लगा। अब मुख्य पाइपलाइन को सीधा जोडऩे का काम किया जा रहा है, बेस भी मजबूत बनावाया जा रहा है, ताकि इस तरह की समस्या न हो। जिन वार्डों में पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है, वहां पर टैंकरों से की गई। मंगलवार के लिए 5 दल बनाए गए हैं, जो सुबह से टैंकरों के माध्यम से पानी सप्लाई करेंगे।
सत्येंद्र सिंह धाकरे, आयुक्त नगर निगम।
Published on:
23 May 2023 11:07 pm
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