
Sewer line became the biggest problem in Katni city
कटनी. गुरुवार रात हुई बारिश के बाद शुक्रवार को मौसम भले ही खुल गया, लेकिन शहरवासियों के लिए यह राशि बड़ी सिरदर्द साबित हुई। इसकी वजह नगर निगम रही। शहर में सीवर लाइन का काम कराया जा रहा है। अधिकांश सड़कों को सीवर लाइन के लिए खोदकर रख दिया गया है, जिससे जगह-जगह दलदल के हालात बने रहे। लोग आवागमन करने के लिए भारी परेशान हुए। इसमें नगर निगम की गंभीर लापरवाही सामने आई। सीवर लाइन का काम तय मानक से न होने व नोडल अधिकारियों द्वारा मॉनीटरिंग न करने से समस्या हो रही है। हर मार्ग में दलदल की स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार को लोग बस स्टैंड क्षेत्र, शिवाजी नगर, पहरुआ सहित अन्य मार्गों में परेशान होते दिखे। मार्ग में फिसलन व दलदल के कारण सबसे ज्यादा परेशानी विद्यार्थियों को हुई। कलेक्टर एसबी सिंह की फटकार के बाद भी सीवर लाइन के काम व सड़कों को व्यवस्थित करने में तेजी नहीं आई।
यह है सीवरलाइन की स्थिति
शहर में 2 मार्च 2017 से सीवर लाइन का काम चल रहा है। इसमें नगर निगम 108 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। 261 किलोमीटर सीवर लाइन शहरभर में पडऩी है। अबतक मात्र 67 किलोमीटर ही सीवर लाइन काम हुआ है, जबकि ठेकेदार केके स्पन इंडिया प्रा लि को मार्च 19 तक कंपलीट करना था, इसके बाद भी यह बेपरवाही जारी है और अबतक कोई कार्रवाई नहीं की गई। ठेकेदार द्वारा सात दिन के अंदर जिस प्रकार की सड़क को खादकर सीवर लाइन डाल रहे हैं वैसी बनाकर देना है, इसके बाद भी बेपरवाही जारी है। मशीनरी व मेनपॉवर कम होने के कारण काम मंथर गति से चल रहा है। ठेकेदार पर नगर निगम के अधिकारी व एमआइसी मेहरबान है। कई दिनों सहले से पैनाल्टी का प्रकरण पड़ा हुआ है, लेकिन अबतक कार्रवाई नहीं की गई।
इनका कहना है
जहां पर सीवर लाइन का पूरा होता जा रहा है वहां पर सड़कों का निर्माण होता जाए इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। निर्माण एजेंसी को भी इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। नोडल अधिकारियों को भी मॉनीटरिंग करने कहा गया है।
आरपी सिंह, आयुक्त नगर निगम।
Published on:
14 Dec 2019 11:49 am

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