कटनी. साउथ रेलवे स्टेशन से तीन नवंबर को गांजा तस्कर करते गिरफ्तार हुए जीआरपी शहडोल के आरक्षक दिगपाल सिंह से पूछताछ के लिए रेल पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार जैन शुक्रवार को कटनी पहुंचे। जीआरपी थाने में आरोपी से पूछताछ की। आरोपी से गांजा तस्करी के संबंधी में कई सवाल किए, लेकिन वह जवाब नहीं दे पाया। एसआरपी ने पूछा कि तुम यह कह रहे हो कि वह निर्दोष है उसे फंसाया जा रहा है तो तुम्हारे पास कोई सबूत हैं, लेकिन वह इस सवाल पर कोई जवाब नहीं दे पाया। एसआरपी ने गांजा की खेप वह कहां से लाया और किसको डिलेवरी करने वाला था आदि के संबंध में पूछताछ की। आरोपी ने उड़ीसा की ओर से गांजा आने की बात कही। वहीं शुक्रवार को न्यायालय से मिली रिमांड पूरी होने पर उसे वापस जेल भेज दिया गया। जीआरपी थाना प्रभारी डीपी चड़ार ने बताया कि आरोपी को लेकर बिलासपुर गए थे, लेकिन अन्य आरोपी पकड़ में नहीं आया। वहीं आरपीएफ आरक्षक विकास कुमार से भी पूछताछ जारी है। कटनी पहुंचे एसआरपी ने जीआरपी को चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए। सभी स्टॉफ पर भी कड़ी निगरानी रखने के लिए कहा।
नहीं मिला उसलापुर में आरोपी
न्यायालय से मिली तीन दिन की रिमांड पर कटनी जीआरपी गांजा तस्कर दिगपाल सिंह को उसलापुर-बिलासपुर लेकर पहुंची। यहां के एक व्यक्ति से गांता तस्करी को लेकर बात हुई थी। वहां की लोकेशन मिली थी। जब पुलिस आरोपी को लेकर वहां पहुंची तो आरोपी नहीं मिला। इसके बाद पुलिस वापस लौट आई।
लड्डूगोपाल का हुआ सुपुर्दनामा
जीआरपी ने शुक्रवार को न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत चोरों के पास से मिले लड्डू गोपाल का फरियादी को सुपुर्दनाम किया। जीआरपी थाना प्रभारी डीपी चड़ार ने बताया कि अपराध क्रमांक 440/19 धारा 380 भादवि के मामले मे एक लेडीज पर्स पिंक कलर कीमत 500 रूपये एक पीतल की लड्डू गोपाल की मूर्ति कीमती एक हजार रुपये आर्टिफिशियल मंगलसूत्र कीमती 500 रूपये, नगदी 1500 रूपये एक मोबाइल बदमाशों से जब्त किया किया गया था। उसे फरियादी अकांक्षा इंदौर निवासी को लड्डू गोपाल सुपुर्द किए गए।
इनका कहना है
इस पूरे मामले की जांच जारी है। गांजा तस्कर के आरोपी आरक्षक से पूछताछ की गई है। इस कारोबार में और कितने लोग संलिप्त है इसकी पता लगाया जा रहा है। इस तरह के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई के लिए सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं। कटनी की टीम ने सराहनीय काम किया है।
सुनील कुमार जैन, एसआरपी।