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MP Crime- 30 हजार की रिश्वत लेते धराया कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी- देखें वीडियो

- जबलपुर लोकायुक्त टीम ने की कार्रवाई - कलेक्ट्रेट भवन में मचा हड़कंप

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कटनी

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Deepesh Tiwari

Mar 20, 2023

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कटनी। जबलपुर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी संतोष नंदनवार को 30 हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। दरअसल यह कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी कलेक्ट्रेट स्थित खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में पदस्थ है। इस संबंध मे जानकारी समने आते ही कटनी के कलेक्ट्रेट भवन में हड़कंप मच गया।

इस कार्रवाई के संबंध में शिकायतकर्ता बड़ागांव निवासी राजकुमार बर्मन ने बताया कि उसकी पत्नी रमा बर्मन सहायता समूह का संचालन करती है। बड़ागांव पंचायत में कोई राशन की दुकान नहीं है, ऐसे में यहां दुकान का संचालन शुरू कराने के लिए विभाग ने समूहों से आवेदन मंगवाए।

जिसके बाद दुकान संचालन को लेकर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी की ओर से अनाज वितरण का काम देने के लिए 50 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई। शिकायतकर्ता राजकुमार के अनुसार काफी बातचीत के बाद ये सौदा 30 हजार में तय हुआ। शिकायतकर्ता के अनुसार इसके बाद उनकी ओर से कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी संतोष नंदनवार द्वारा घूस मांगने की शिकायत लोकायुक्त जबलपुर में की गई।

इस पर लोकायुक्त की टीम ने सोमवार को अपनी योजना के अनुसार राजकुमार को पैसा देकर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी संतोष नंदनवार के पास भेजा। वहीं जैसे ही राजकुमार ने कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी को रिश्वत के पैसे दिए वैसे ही लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

ज्ञात हो कि अभी कुछ समय पहले ही कटनी नागरिक आपूर्ति निगम प्रबंधक भी लोकायुक्त की कार्रवाई में 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़े गए थे। जिसके बाद नागरिक आपूर्ति निगम कार्यालय में हड़कंप की स्थिति बन गई थी। उस समय कार्रवाई बजरंग राइस मिल के संचालक ईश्वर रोहरा की शिकायत पर हुई थी। उस समय जो जानकारी सामने आई थी उसके अनुसार कटनी में नागरिक आपूर्ति निगम का जिला प्रबंधक संजय सिंह को 60 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। यह रिश्वत उनके द्वारा बिल पास कराने के एवज में मांगी जा रही थी।

इस संबंध में उस समय लोकायुक्त डीएसपी दिलीप झरवड़े की ओर से जानकारी दी गई थी कि बिल भुगतान के एवज में नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक संजय सिंह ने 3 परसेंट रिश्वत की मांग की थी। दरअसल बजरंग राइस मिल के संचालक ईश्वर रोहरा ने मिलिंग के लिए मध्यप्रदेश सिविल सप्लाई कार्पोरेशन से टेंडर लिया था। इसमें उन्होंने 40 लाख रुपये की धान की मिलिंग की थी। इसका 20 लाख रुपये का पेमेंट उन्हें मिल गया था। जबकि 20 लाख रुपये का पेमेंट बाकी था। इसी पेमेंट को प्राप्त करने के लिए बजरंग राइस मिल के संचालक ईश्वर रोहरा ने रुपए की मांग की थी। वहीं नागरिक आपूर्ति निगम का प्रबंधक संजय सिंह उनसे 20 लाख रुपये का तीन परसेंट यानी 60 हजार रुपये मांग रहा था।