8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

खाद के लिए जद्दोजहद: कतारों में किसान, ‘जमीन के कागज’ बने मजबूरी का प्रतीक

बहोरीबंद डबल लॉक गोदाम व ढीमरखेड़ा नकद खाद विक्रय केंद्र में बिगड़ रहे हालात, किसान हो रहे परेशान

3 min read
Google source verification

कटनी

image

Balmeek Pandey

Jan 06, 2026

Fertilizer

Fertilizer

कटनी/ढीमरखेड़ा/बहोरीबंद. रबी सीजन के बीच खाद की बढ़ती मांग ने ढीमरखेड़ा और बहोरीबंद क्षेत्र के किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। ढीमरखेड़ा तहसील में स्थित एकमात्र नकद खाद विक्रय केंद्र और बहोरीबंद विकासखंड मुख्यालय के डबल लॉक गोदाम में इन दिनों किसानों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। हालात यह हैं कि किसान रात से ही केंद्रों पर पहुंचकर अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं। कतारों में सिर्फ किसान ही नहीं, बल्कि उनके जमीनों के दस्तावेज भी रखे नजर आ रहे हैं, जो यह बता रहे है कि खाद पाने के लिए किसान अपनी पहचान और हक के सबूत के साथ खड़े होने को मजबूर हैं।
ढीमरखेड़ा के नकद खाद विक्रय केंद्र में खाद वितरण की व्यवस्था को लेकर किसानों में खासा असंतोष है। किसानों का कहना है कि चाहे छोटा किसान हो या बड़ा, सभी को अधिकतम चार बोरी खाद ही दी जा रही है, जबकि फसलों की वास्तविक जरूरत इससे कहीं अधिक है। खासकर गेहूं की फसल में यूरिया खाद की मांग इस समय चरम पर है। सीमित मात्रा में खाद मिलने के कारण किसान अपनी पूरी फसल में खाद नहीं डाल पा रहे हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का आरोप है कि सरकारी केंद्र से पर्याप्त खाद न मिलने के चलते उन्हें मजबूरी में निजी बाजार का रुख करना पड़ रहा है, जहां खाद ऊंचे दामों पर बेची जा रही है। इससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र में केवल एक ही नकद खाद विक्रय केंद्र होने से भी समस्या गंभीर हो गई है। लंबे समय से यहां डबल लॉक केंद्र खोलने की मांग की जा रही है, ताकि किसानों को राहत मिल सके, लेकिन अब तक अधिकारी सिर्फ आश्वासन ही देते नजर आ रहे हैं।

बहोरीबंद में टोकन के लिए कतार

बहोरीबंद विकासखंड मुख्यालय स्थित डबल लॉक गोदाम में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। यहां यूरिया खाद लेने के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ रही है। किसान अपने-अपने गांवों से देर रात गोदाम पहुंच जाते हैं ताकि सुबह टोकन मिल सके। अल सुबह टोकन वितरण शुरू होते ही लंबी कतारें लग जाती हैं। सोमवार को स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब खाद लेने पहुंचे किसानों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया। किसानों का कहना था कि घंटों इंतजार के बाद भी सभी को खाद नहीं मिल पा रही है।

पहले समझाइश, फिर बाटे टोकन

स्थिति बिगड़ते देख डबल लॉक गोदाम प्रबंधन ने किसानों को समझाइश दी, जिसके बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद टोकन वितरण की प्रक्रिया शुरू की गई। जानकारी के अनुसार सोमवार को कुल 130 टोकन वितरित किए गए, जिनमें 120 पुरुष किसानों और 10 महिला किसानों को शामिल किया गया। टोकन के आधार पर किसानों को आवश्यकता अनुसार खाद उपलब्ध कराई गई।

बहोरीबंद में 15 हजार हेक्टेयर में गेहूं

कृषि विभाग के अनुसार इस समय रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं में यूरिया खाद बेहद जरूरी होती है। इसी वजह से अचानक मांग में इजाफा हुआ है। बहोरीबंद में विकासखंड क्षेत्र में करीब 30 हजार हेक्टेयर भूमि पर रबी सीजन की खेती की जाती है, जिसमें से लगभग 15 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी हुई है। इतनी बड़ी खेती के लिए खाद की मांग स्वाभाविक रूप से अधिक है, लेकिन वितरण व्यवस्था के सीमित संसाधन किसानों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।

पहले से नहीं किए पुख्ता इंतजाम

किसानों का कहना है कि बार-बार लाइन में लगना, टोकन के लिए इंतजार करना और फिर भी सीमित मात्रा में खाद मिलना उनके समय और मेहनत दोनों की बर्बादी है। कई किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि यदि व्यवस्था समय रहते दुरुस्त नहीं की गई, तो फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है। डबल लॉक गोदाम प्रबंधन का कहना है कि गोदाम में खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और नियमानुसार वितरण किया जा रहा है।

इनका कहना

डबल लॉक गोदाम में खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इसके बाद भी कुछ किसान बेवजह शोर-शराबा करते हैं। सोमवार को 130 किसानों को टोकन देकर आवश्यकता अनुसार खाद उपलब्ध कराई गई।

राधिका पटेल, प्रबंधक, डबल लॉक गोदाम