
सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक फर्जीवाड़ा: पुलिस ने गैंतरा पहुंचकर की ठगी का शिकार हुए युवकों से पूछताछ,सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक फर्जीवाड़ा: पुलिस ने गैंतरा पहुंचकर की ठगी का शिकार हुए युवकों से पूछताछ,सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक फर्जीवाड़ा: पुलिस ने गैंतरा पहुंचकर की ठगी का शिकार हुए युवकों से पूछताछ,सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक फर्जीवाड़ा: पुलिस ने गैंतरा पहुंचकर की ठगी का शिकार हुए युवकों से पूछताछ
कटनी. सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में विद्यार्थियों व बेरोजगार युवकों के खाते खोलकर करोड़ों रुपए के ट्रांजेक्शन किए जाने के मामले में रविवार को पुलिस ने माधवनगर थाना क्षेत्र के ग्राम गैंतरा पहुंचकर ठगी का शिकार हुए युवकों से पूछताछ की है। इस फर्जीवाड़े में युवकों ने दुर्गेश यादव को ही हैंडलर बताया है। पुलिस ने अरुण पटेल, आकाश पटेल, जागेंद्र पटेल, अभिषेक पटेल, अंकित पटेल, श्रीकांत पटेल, विवेक पटेल, अभिषेक पटेल, दीपक दाहिया, महेंद्र, लवकुश आदि के खातों के संबंध में उनसे पूछताछ की है।
पूछताछ में युवकों ने बताया कि उनके पास न तो पासबुक है और ना ही मोबाइल से लिंक। बैंक में हो रहे ट्रांजेक्शन रिपोर्ट के मैसेज भी नहीं मिल रहे थे। बैंक द्वारा दी गई जानकारी के बाद ही उनको उनके साथ हुई ठगी का पता चला है। तीन घंटे तक पुलिस ने युवकों के कथन दर्ज किए हैं। युवकों ने यही बताया कि दुर्गेश के कहने पर व बैंक कर्मचारियों द्वारा प्रेरित करने पर उन्होंने सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में खाता खुलवाए थे।
पुलिस दे रही दबिश, हैंडलर नहीं आ रहा हाथ
पुलिसिया जांच में अबतक यह बात सामने आई कि हैंडलर पड़ोसी जिला पन्ना के ग्राम शाहनगर निवासी दुर्गेश यादव ही है। मामला उजागर होने के बाद से वह फरार है। तीन दिनों से पुलिस उसकी गिरफ्तारी में लगी हुई है, लेकिन अभी तक उसे नहीं दबोच पाई।
नहीं मिल पाई रिपोर्ट
बैंक में यूपीआई के माध्यम से युवकों के खातों में जो रकम की जमा व निकासी हुई है उन यूपीआई के होल्डर कौन हैं, इसकी रिपोर्ट लेनी थी, लेकिन रविवार को बैंक बंद होने के कारण रिपोर्ट नहीं मिल पाई। सोमवार को पुलिस खातों में ट्रांजेक्शन की पूरी रिपोर्ट जुटाएगी। किन-किन बैंकों की इसमें संलिप्तता है, इसका पता लगाएगी।
यह है मामला
कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत सत्यनारायण मंदिर के समीप संचालित होने वाले सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में माधवनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गैंतरा निवासी 17 युवकों के खाते पड़ोसी जिला पन्ना के शाहनगर में रहने वाले दुर्गेश यादव के द्वारा गांव के विवेक पटेल से संपर्क कर खाते खुलवाए गए। इस अवैध कारोबार के लिए विद्यार्थी व बेरोजगार युवकों को शिकार बनाया गया। 10 करोड़ रुपए से अधिक का ट्रांजेक्शन किया गया है। खाता खुलने पर 600 से 700 रुपए तत्काल दिलवा दिया था, प्रत्येक खातों का सौदा 25 से 30 हजार रुपए में सौदा किया था, लेकिन रुपए दिए नहीं।
किस आशय से ट्रांजेक्शन, आज पता लगाएगी पुलिस
बेरोजगार युवकों व विद्यार्थियों को खाते किस आशय को लेकर खोले गए हैं, पुलिस आज इसका भी पता लगाएगी। इस मामले में पुलिस को पूरी आशंका है कि ऑनलाइन सट्टा को लेकर यह खेल किया जा रहा था। यूपीआई के माध्यम से किन लोगों के द्वारा किन-किन खातों में राशि अदान-प्रदान की गई है यह पता लगाएगी। इस मामले में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के अवैध कारोबार के लिए यह खेल होना बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस की सुस्त जांच से सवाल भी खड़े हो रहे हैं, क्योंकि तीन दिन बाद भी बैंक खातों से जानकारी न जुटा पाना हर किसी के समझ से परे है।
वर्जन
गैंतरा निवासी जिन 17 खातों में करोड़ों का ट्रांजेक्शन ट्रेडिंग कंपनी बनाकर किया गया है, उस संबंध में टीम ने गांव पहुंचकर पूछताछ की है। अवैध ट्रांजेक्शन के संबंध में सोमवार को पूरी रिपोर्ट बैंक से ली जाएगी। किन-किन बैंकों की संलिप्तता है यह पता लगाया जाएगा। हैंडलर दुर्गेश यादव की तलाश जारी है।
मनोज गुप्ता, थाना प्रभारी।
Published on:
05 Feb 2024 09:15 pm
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