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#mpelection भले जमानत जब्त हो जाये पर इतना वोट तो ले ही लेते हैं कि भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशी के जीत का समीकरण बिगड़ जाये

6 बार बसपा को मिले को जितने वोट, उतने में भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशियों की हो गई हार

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They take so much votes that the equation of BJP-Congress candidate's

bjp congress bsp

कटनी. विधानसभा चुनाव में ज्यों-ज्यों मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, चुनाव लडऩे और जीत का सपना संजोंए प्रत्याशियों की धड़कनें भी बढ़ रही है। जिले की चारो विधानसभा में बीते तीन चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को मिले वोट से भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशियों के जीत का समीकरण बिगड़ता रहा है। इसमें 6 चुनाव में तो बसपा को मिले वोट से कम वोट में भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशी की हार हो गई है। यही कारण है कि जीत की रणनीति बनाने वाले पार्टी व नेता इस बार के चुनाव में बसपा को लेकर संवेदनशील हैं। खासबात यह है कि बसपा के वोट से प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला भले होता रहा है, लेकिन बसपा का वोट ज्यादा नहीं है। 2013 चुनाव में बहोरीबंद से बसपा प्रत्याशी रहे सौरभ सिंह को छोड़ दें तो शेष चारों सीटों पर बीते तीन चुनाव में बसपा प्रत्याशी अपनी जमानत तक नहीं बचा सके हैं।
चुनाव में बसपा को मिले वोट से दूसरी पार्टियों के प्रत्याशियों की जीत-हार की बात करें तो 2003 में बहोरीबंद में भाजपा प्रत्याशी प्रभात पांडेय को 402 वोट से हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में बसपा प्रत्याशी मनोरमा को 9616 वोट मिले। इसी साल बड़वारा विधानसभा में 5548 वोट से भाजपा प्रत्याशी सुभाष पटेल चुनाव हार गये थे। तब बसपा के ओंकार पटेल को 9951 वोट मिले थे। 2008 में बहोरीबंद में भारतीय जनशक्ति पार्टी शंकर महतो को 1674 वोट से हार का सामना करना पड़ा था। इस चुनाव में बसपा से सौरभ सिंह 17681 मत प्राप्त किये थे। 2013 में विजयराघवगढ़ से भाजपा प्रत्याशी पद्मा शुक्ला को 929 वोट से हार का सामना करना पड़ा था। तब बसपा क हाजी गुलाम को 15560 वोट मिला था। इसी साल बहोरीबंद में निशिथ पटेल कांग्रेस प्रत्याशी को 20918 मतों से हार का सामना करना पड़ा था तब बसपा प्रत्याशी सौरभ सिंह को 32829 मत मिले थे। 2013 में ही बड़वारा से कांग्रेस प्रत्याशी बसंत सिंह को 3287 मतों से हार का सामना करना पड़ा था, तब बसपा प्रत्याशी झगडू लाल को 9034 मत प्राप्त हुए थे।
यह बात अलग है कि बसपा को मिले वोट से कम वोट में भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। लेकिन बसपा के प्रत्याशी भी जमानत नहीं बचा सके हैं। मुड़वारा, विजयराघवगढ़, बहोरीबंद व बड़वारा से 2003 में क्रमश: बसपा से प्रत्याशी रहे प्रभाशंकर मिश्रा 6555, नूर मोहम्मद सिद्दकी 10566, मनोरमा 9616 व ओंकार पटेल 9951 वोट पाकर भी जमानत नहीं बचा सके थे। इसी प्रकार 2008 विधानसभा चुनाव में बृजमोहन तिवारी 12147, गणेश राव 15262, सौरभ सिंह 17681, सुरेश कोल 13591 मत ही प्राप्त कर सके। 2013 में रविंद्र गज्जू वर्मा को 4444, हाजी गुलाम भाई 15560 व बड़वारा से झगडू लाल को 9034 वोट मिले, लेकिन जमानत जब्त हो गई।
इस बार चुनावी रणनीति बताते हुए बसपा के जिलाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी बताते हैं कि बहुजन समाज पार्टी पूर्व विधानसभा चुनाव की भांति इस बार भी कटनी जिले के चारो विधानसभा में प्रत्याशी उतार रही है। बहोरीबंद में प्रत्याशी की घोषणा हो गई है। हम अभी भोपाल में हैं। शेष तीन विधानसभा में प्रत्याशी की घोषणा जल्द होगी।