
Train will run with engine power
कटनी. तेज रफ्तार से जबलपुर-कटनी के बीच चल रहे रेलविद्युतीकरण कार्य में ट्रैक के ऊपर से होकर गुजरा मुड़वारा-एनकेजे फ्लाईओवर बाधक बन गया है। फ्लाईओवर की ऊंचाई कम होने के कारण ओएचई क्लीरेंस न मिलने की आशंका ने डिवीजन के अफसरों की नींद उड़ा दी है। अब अफसर फ्लाईओवर के नीचे न्यूट्रल सेक्शन से ट्रेनें गुजारने की तैयारी में जुट गए हैं। बताया जा रहा है कि कटनी से जबलपुर अप-डाउन ट्रैक पर टे्रनों को रेलविद्युतीकरण के बाद इलेक्ट्रिक इंजन से जरूर चलाया जाएगा, लेकिन फ्लाईओवर के नीचे का हिस्सा न्यूट्रल सेक्शन रहेगा। ट्रेन सेक्शन में पहुंचने के दौरान यहां विद्युत सप्लाई बंद कर दी जाएगी और सेक्शन खत्म होते ही सप्लाई शुरू होगी। हालाकि इस पूरी प्रक्रिया से ट्रेन की रफ्तार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। विदित हो कि सोमवार शाम मध्य क्षेत्र के कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी( सीआरएस) एके जैन ने यहां निरीक्षण के दौरान फ्लाईओवर की कम ऊंचाई पर आपत्ति की थी। उन्होंने कहा था कि फ्लाई ओवर की ऊंचाई कम है ऐसी स्थित में ओएचई क्लीरेंस कैसे देंगे
मानकों के अनुसार नहीं फ्लाईओवर की ऊंचाई
जानकारी के अनुसार कटनी जबलपुर रेलखंड के ऊपर से मुड़वारा-एनकेजे फ्लाईओवर गुजरता है। पुराने पुल की ऊंचाई ४.६५ मीटर है जबकि निर्धारित मानक ४.८५ है। ऊंचाई कम होने के कारण इलेक्ट्रिक इंजन का पेंटों फ्लाईओवर से टकराने की आशंका है। इसके चलते यहां
ओएचई क्लीरेंस मुश्किल है।
जबलपुर से कटनी के बीच कहीं नहीं न्यूट्रल सेक्शन
जानकारी के अनुसार अबतक कटनी से जबलपुर के बीच हुए रेल विद्युतीकरण कार्य के दौरान किसी भी स्थान पर न्यूट्रल सेक्शन नहीं बनाया जाएगा। पूरे रेलखंड में ओएचई क्लीरेंस होना पाया गया है।
इनका कहना
यह बात सही है कि कटनी जबलपुर रेलखंड के ऊपर से मुड़वारा-एनकेजे फ्लाईओवर की ऊंचाई कम है। फ्लाईओवर के नीचे न्यूट्रल सेक्शन बनाया जा सकता है। ये सभी टैक्निकल समस्याएं हैं। इन्हें दूर किया जाएगा।
डॉ. मनोज सिंह, डीआरएम, जबलपुर
Published on:
23 Aug 2018 11:50 am
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