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13 साल में नहीं बनी 40 माह में बनने वाली 12 किलोमीटर लंबी टनल

सीएम की 3 माह की डेडलाइन भी नहीं आई काम. - कटनी, सतना और जबलपुर जिले की 2 लाख 41 हजार 478 हेक्टेयर में सिंचाई की परियोजना समय पर पूरा नहीं होने से किसान परेशान.

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Tunnel construction at Imliya hill in Sleemanabad.

स्लीमनाबाद के इमलिया पहाड़ी में टनल निर्माण।

कटनी. स्लीमनाबाद के समीप इमलिया पहाड़ी में 2008 से शुरू होकर 40 माह में बनने वाली 12 किलोमीटर लंबी टनल 13 साल में नहीं बनी। नर्मदा वैली विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) के देखरेख में चल रहे काम में लगातार लेटलतीफी और पानी के इंतजार में बैठे कटनी, सतना, रीवा के लाखों किसानों की बढ़ती परेशानी के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 26 मार्च को इस परियोजना की समीक्षा की।

सीएम ने 3 माह की डेडलाइन फिक्स करते हुए कहा कि कार्य में संतोषप्रद प्रगति के बाद ही एक्सटेंशन दिया जाए। सीएम द्वारा दी गई डेडलाइन 26 जून को पूरा होने में 19 दिन शेष हैं। इस बीच परियोजना से जुड़े अफसर अप्रैल और मई के दो माह में 272 मीटर की प्रगति को संतोषजनक बताकर स्वयं की पीठ थपथपाने में जुट गए हैं। परियोजना निर्माण का ठेका मेसर्स पटेल और एसईडब्ल्यू संयुक्त उपक्रम हैदराबाद को दिया गया है।

इस बारे में एनवीडीए के इइ हरि सिंह बताते हैं कि टनल निर्माण में काम गति अब बढ़ रही है। खनन के दौरान मिट्टी का स्वरुप बदलने के कारण परेशानी हो रही है। खनन के बाद रिंग लगाने में भी समय लगता है। कोशिश है कि आधा काम हो गया है तो आधा काम जल्द पूरा किया जाए।

तीन जिले के लाखों किसान होंगे लाभान्वित- बरगी व्यपवर्तन योजना से तीन जिले के किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की तैयारी है। इसमें जबलपुर जिले के 60 हजार, कटनी जिले की 21 हजार 823 और सतना जिले के 1 लाख 59 हजार 655 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। लाभान्वित होने वाले किसानों की संख्या लाखों में है।

बरगी व्यपर्तन योजना पर एक नजर
- 11.95 किलोमीटर लंबी टनल खुदाई के लिए 2008 में अनुबंध.
- 40 माह जुलाई 2011 में काम पूरा कर खेतों में पहुंचाना था पानी.
- 4 बार एक्सटेंशन के बाद भी आधा काम, समस्या दूर करने में बेपरवाह अफसर.
- 5.74 किलोमीटर कार्य 2 माह पहले तक पूरा हुआ.
- 6.21 किलोमीटर टनल का निर्माण करना शेष है.
- 272 मीटर अप्रैल व मई के दो माह में खुदाई का दावा.
- 799 करोड़ की परियोजना में 560.70 करोड़ रुपये का भुगतान.

यह भी जानें
- 15 फरवरी 2019 को तत्कॉलीन नर्मदा घाटी विकास मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल टनल का जायजा लेने पहुंचे तो अफसरों ने पूरे प्रोजेक्ट पर ही सावलिया निशान लगाते हुए ओपन कैनाल बनाने की सलाह दे डाली।
- टनल निर्माण से जुड़े जानकार बताते हैं कि पानी नहर का पानी आगे ले जाने के लिए इमलिया पहाड़ी पर टनल का निर्माण आने वाले समय में ज्यादा दिनों के लिए लाभप्रद होगा।
- किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने की इस योजना में शुरू से ही लेटलतीफी हावी रही। बताया जा रहा है टेंडर के बाद तीन साल मशीन लगाने में लग गए थे।