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जीवनदायनी में सहेजा गया अमृत, शहरवासियों का तर कर रहा कंठ

बैराज के गेट बंद होने के बाद बाइपास के ऊपर तक भरा कटनी नदी में पानी, बहाव डेढ़ माह पहले से ही है शून्य

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कटनी

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Balmeek Pandey

Nov 09, 2021

जीवनदायनी में सहेजा गया अमृत, शहरवासियों का तर कर रहा कंठ

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कटनी. इन दो तस्वीरों में तालाब से नजारा किसी डेम व तालाब का नहीं बल्कि शहर की लाइफ लाइन कही जाने वाली कटनी नदी का है। कटायेघाट बैराज के ऊपरी हिस्से ंमें नदी एकदम लबालब है। यह नजारा सुखद है, क्योंकि इसी अमृत से आने वाले दिनों में भी शहरवासियों की प्यास बुझती रहेगी। हालांकि इस बार बारिश कम होने के कारण जल स्तक तो गिरा ही है साथ ही एक माह पहले से ही नदी का बहाव शून्य हो गया था, जो अच्छे संकेत नहीं हैं।
गर्मी के सीजन में पेयजल के लिए भीषण समस्या खड़ी होगी। हालांकि इस पानी को सहेजने विशेष नवाचार हुआ था। कटनी नदी के अधिक बहाव वाले पानी को मोटर पंपों के माध्यम से खदानों में संरक्षित किया गया है, ताकि संकट के समय काम आ सके। बाइपास से गुजरने वाल लोग लबालब भरी नदी को देकर ठिठक जाते हैं, सेल्फी-फोटो के बाद आगे बढ़ते हैं। शहरवासियों का कहना है पानी की इस बार फिजूलखर्ची रोकनी होगी, तभी संकट से निपटा जा सकेगा। नगर निगम के इंजीनियर मृदुल श्रीवास्तव के अनुसार अभी भी बैराज में लगभग 5200 मिलियन लीटर पानी का स्टोरेज है। प्रतिदिन लगभग 20 से 23 एमएलडी पानी की सप्लाई हो रही है। हालांकि हररोज लगभग दोनों समय पर्याप्त पानी की सप्लाई के अनुसार 40 एमएलडी सप्लाई होनी चाहिए। हर व्यक्ति के मान से 135 लीटर पानी मिलना चाहिए।