
Avaidh sharab
कटनी. तहसील विजयराघवगढ़ अंतर्गत ग्राम कुंदरेही में लंबे समय से चल रही अवैध शराब बिक्री के खिलाफ अब गांव की जनता खुलकर सामने आ गई है। गांव की महिलाओं, पुरुषों और युवा वर्ग ने सामूहिक रूप से एकजुट होकर अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। रविवार को सभी महिलाएं व ग्रामीण अवैध पैकारी पहुंचे और शराब तस्कर कुछ चेतावनी देगी दोबारा गांव में शराब नहीं बेचना नहीं तो ठीक बात नहीं होगी। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें स्वयं आगे आकर विरोध दर्ज कराना पड़ा।
गांव में आयोजित बैठक और विरोध प्रदर्शन के दौरान महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक देखने को मिली। महिलाओं ने बताया कि अवैध शराब के कारण गांव का माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है। नशे की लत के चलते पुरुषों की कमाई शराब में खर्च हो रही है, जिससे परिवार आर्थिक तंगी का शिकार हो रहे हैं। कई घरों में घरेलू हिंसा, आपसी विवाद और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
ग्राम सरपंच माया बाई चौधरी, बाला विश्वकर्मा, कोदूलाल चौधरी सहित अन्य ने कहा कि गांव की जनता अब किसी भी हालत में अवैध शराब बिक्री को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि सैकड़ों महिला-पुरुषों के साथ अवैध शराब बेचने वालों को मौके पर जाकर समझाइश दी गई है कि वे तुरंत इस कारोबार को बंद करें। सरपंच ने कहा कि यदि समझाइश के बाद भी अवैध शराब बिक्री जारी रहती है तो गांव की जनता आंदोलन करेगी और प्रशासन को लिखित शिकायत देकर वैधानिक कार्रवाई कराई जाएगी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अवैध शराब विक्रय खुलेआम हो रहा है, जिससे युवाओं में नशे की लत तेजी से फैल रही है। नशाखोरी के कारण गांव के कई युवक गलत संगत में फंस रहे हैं, अपराध की ओर बढ़ रहे हैं और उनका भविष्य अंधकारमय हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध शराब ने पूरे गांव के सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण को प्रभावित किया है।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने पुलिस और आबकारी विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि संबंधित विभागों की कथित सहमति और लापरवाही के चलते ही अवैध शराब का कारोबार निर्बाध रूप से चल रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में नियमित रूप से पुलिस गश्त हो, आबकारी विभाग द्वारा छापेमारी की जाए और अवैध शराब बेचने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही प्रशासन द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे तहसील और जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। यह आंदोलन शांतिपूर्ण होगा, लेकिन अपने हक और गांव के भविष्य की रक्षा के लिए वे किसी भी स्तर तक जाने को तैयार हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि शासन-प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए अवैध शराब बिक्री पर तत्काल रोक लगाएगा और गांव को नशामुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।
Updated on:
29 Dec 2025 12:20 pm
Published on:
29 Dec 2025 12:20 pm
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