
विधायक भावना बोहरा (फोटो सोर्स - पत्रिका)
CG Budget Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन, सांस्कृतिक आयोजनों में स्थानीय कलाकारों की भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने प्रदेश में संचालित योजनाओं, उनके क्रियान्वयन और वित्तीय प्रावधानों पर सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी।
गौवंश संरक्षण के मुद्दे पर पूछे गए प्रश्नों के लिखित उत्तर में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 135 पंजीकृत और 54 अपंजीकृत गौशालाएं संचालित हैं। इस प्रकार कुल 189 गौशालाएं कार्यरत हैं। मंत्री ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग द्वारा गौशालाओं का पंजीयन किया जाता है और गौधाम योजना के अंतर्गत गौधामों का पंजीयन किया जाता है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 135 पंजीकृत गौशालाओं को उनकी मांग के अनुरूप 1922 लाख रुपए का अनुदान दिया गया। इसके अलावा आदर्श गौधाम एवं गोकुल ग्राम झालम जिला बेमेतरा में संरक्षित पशुधन के लिए 29.75 लाख रुपए की राशि प्रदाय की गई। हालांकि 11 पंजीकृत गौधामों को अब तक कोई राशि जारी नहीं की गई है।
गौवंश संवर्धन के लिए राज्य सरकार द्वारा पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम के अंतर्गत कृत्रिम गर्भाधान योजनाए 100 प्रतिशत अनुदान पर सांड वितरण योजना और उन्नत मादा वत्सपालन योजना संचालित की जा रही है। वर्ष 2024-25 में पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम के लिए 5 करोड़ 85 लाख रुपए से अधिक, सांड वितरण योजना के लिए 80.50 लाख रुपए, उन्नत मादा वत्सपालन योजना के लिए 249.90 लाख रुपए आवंटित किए गए हैं।
गौशालाओं में चारा, पानी, शेड निर्माण, पशु चिकित्सा और टीकाकरण जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए आयोग की क्रियान्वयन समिति की स्वीकृति के बाद नियमानुसार अनुदान दिया जाता है। एक वित्तीय वर्ष में प्रति संस्था अधिकतम 25 लाख रुपए तक की सहायता का प्रावधान है। सडक़ पर विचरण करने वाले निराश्रित गौवंश की पहचान और संरक्षण के लिए पशुओं में रेडियम पट्टी लगाने, गौधाम योजना के माध्यम से संरक्षण की व्यवस्था की जा रही है।
सांस्कृतिक आयोजनों के संबंध में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभाग द्वारा 2662 कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिलों द्वारा 52 कार्यक्रम आयोजित हुए, जबकि 504 सांस्कृतिक आयोजन अशासकीय संस्थाओं द्वारा प्रायोजित किए गए। इन आयोजनों पर क्रमश: 14 करोड़ 76 लाख 50 हजार, 4 करोड़ 78 लाख और 9 करोड़ 87 लाख 59 हजार रुपए व्यय किए गए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में चिन्हारी पंजीकृत कलाकारों को अवसर दिया जाता है जहां 100 प्रतिशत स्थानीय कलाकारों की सहभागिता सुनिश्चित की जाती है।
Published on:
28 Feb 2026 01:10 pm
बड़ी खबरें
View Allकवर्धा
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
