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छत्तीसगढ़ के इस जिले में बंद हो रही शराब दुकान, कर्मचारी बोले- हम तलाश रहे दूसरा काम

कर्मचारी आक्रोशित हैं और शासन को काम नहीं करने की चेतावनी दे रहे हैं।

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कवर्धा. जिल के शराब दुकान बंद होने के कगार पर है, क्योंकि यहां पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलता। जो वेतन मिला उसमें भी कटौती की जा रही है। इसके चलते कर्मचारी आक्रोशित हैं और शासन को काम नहीं करने की चेतावनी दे रहे हैं।

जिले के देशी व विदेशी मदिरा दुकानों में कार्य करने के लिए सुपरवाईजर, सेल्समेन, मल्टीपर्पस व गार्ड की नियुक्ति तो कर ली गई है लेकिन उन्हें समय पर वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। कंपनी द्वारा दुकान में शराब की बोतल के टूटने या नुकसान होने पर सुपरवाईजर का वेतन काटा जा रहा है। इसके चलते उनकी परेशानी बढऩे लगी है। नए वित्तीय वर्ष में शासन ने ठेकेदारी प्रथा बंद कर जिले के शराब दुकानों को कार्पोरेशन के जरिए अपने अधीनस्थ कर लिया।

जिले में 17 देशी व 11 अंग्रेजी शराब दुकान संचालित हैं। इसमें शामिल है। यहां कार्य करने के लिए प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से २३ सुपरवाईजर, ३० सेल्समेन, ३० मल्टीपर्पस व ४६ गार्ड की भर्ती लेकर दुकान का संचालन करने की जिम्मेदारी दी गई। इन कर्मचारियों का वेतन भी एजेंसी द्वारा भुगतान किया जाता है, लेकिन इसमें कटौती किए जाने से कर्मचारियों को परिवार का भरण पोषण करने में दिक्कतें आने लगी हैं। इस समस्या को लेकर गुरुवार को कर्मचारियों ने आबकारी विभाग के अधिकारी से चर्चा की, लेकिन उचित जवाब नहीं मिलने से उनमें आक्रोश व्याप्त है। यह आगे की रणनीति बना रहे हैं।

समय पर वेतन भुगतान भी नहीं
शराब दुकानों में कार्य करने वाले कर्मचारी देवेन्द्र कुमार, हेमंत साहू, सेवाराम, भरत राम, निखिल कुमार ने बताया कि जिले के देशी व विदेशी मदिरा दुकानों के समस्त कर्मचारियों की नियुक्ति प्राईमवन वर्क फ ोर्स प्राईवेट लिमिटेड भोपाल व इगल हन्टर साल्युशन रायपुर द्वारा किया गया है। इनके द्वारा सभी कर्मचारियें का मानदेय सही समय पर नहीं दिया जा रहा है। साथ ही अगस्त में मिले राशि में ५० प्रतिशत के कटौती कर दी है। इससे घर परिवार का खर्च चलाने में दिक्कतें आने लगी है।

कंपनी वापस करे डिमांड ड्राफ्ट
कर्मचारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण करने की मांग की है। भर्ती के समय सुपरवाईजर से 30 हजार 5 सौ, सेल्समेन से 2 हजार 5 सौ व मल्टीपर्पस से 10 हजार पांच सौ रुपए की डिमांड ड्राफ्ट राशि जो ली गई थी उसे वापस करवाने की मांग कर रहे हैं। ऐसा नहीं करने पर सभी कर्मचारी सामूहिक इस्तीफा देने की बात कह रहे हैं।

कर्मचारियों के वेतन में कटौती की गई है। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जाएगी। वेतन भी नहीं मिला है। इस पर चर्चा की जाएगी। सभी कर्मचारी अब काम पर आ रहे हैं।
दिनकर वासनिक, आबकारी अधिकारी, कबीरधाम