
कोटवार निभा रहे गांव के चौकीदार की भूमिका, कोरोना से रोकथाम में गांव-गांव कर रहे मुनादी
कवर्धा. जिस तरह देश में के कर्मवीर जवान सेवा करते हैं वैसे ही हमारा काम भोले-भाले ग्रामीण लोगों की सेवा करना है। गांव में असली चौकीदार तो हम है। जब देश आजाद नहीं हो तब से हम यह काम कर रहे हैं यह सोच और गांव के कोटवारों की है जो कोरोना वायरस के संक्रमण के खिलाफ वायरस में अपने लड़ाई अपनी सेवा दे रहे है।
हाथ में लाउडस्पीकर के जरिए ग्रामीणों को घर से ना निकलने और बाहरी व्यक्ति को के गांव में प्रवेश से पहले शासन को सूचित करने के बाद अपने रोचक और अपनी भाषाशैली में बता रहे हैं। गौर करने वाली बात गाइडलाइन का पालन करते हुए कर रहे हैं। सोशल डिस्टेंस, मुंह पर मास्क आदि का भी ध्यान रखे है । चाहें वह ग्राम गैंदपुर मथुरादास हो या दानीघाटोली का संतोष गंधर्व, बंदी का परदेशी या कौड़िया का भानुराम चौहान क्यों ना हो। गर्व की बात यह है कि ग्रामवासी पर पूरा विश्वास करते हैं। गांव आसपास घटित अपराधिक घटनाओं या कोई भी जानकारी थाने में देने की वजह कोटवारों को देना सुविधाजनक मानते हैं।
गैंदपुर के कोटवा मथुरादास लॉकडाउन से संबंधित सरकारी आदेश या गाइड लाइन की मुनादी कर लोगों को बताती है। उनके पास बैटरी चलित माइक है। जिसकी दूर तलक आवाज लोगों को बताते है। यह गांव के लोगों को जरूर नहीं होने और घर से बाहर नहीं निकलने की समझाइए भी दे रहे अ.न्य कोटवार भी अपने-अपने इलाकों में लोगों को अच्छे से हाथ धो कर ही खाना खाने के बाद मुनादी कर रहे हैं।
Published on:
09 May 2020 03:35 pm
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