कवर्धा. छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सकरी नदी में शहर का गंदा पानी जाने से रोकने लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने साढ़े पांच करोड़ रुपए की राशि बर्बाद कर दिए। बर्बाद इसलिए क्योंकि योजना के अनुरूप काम नहीं हो पा रहा है और लाखों लीटर गंदा पानी आज भी नदी में समा रहा है।
शहर में वैसे कई दर्जन नालियां हैं, लेकिन मुख्य रूप से 12 बड़ी नालियों से सकरी नदी में रोजाना औसतन 21 लाख लीटर दूषित पानी पहुंचता है। मतलब हर माह लगभग 630 लाख लीटर गंदा पानी नदी को दूषित कर रहा है। इसमें से कुछ ही नालियों के मुंहाने को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ा जा सका है, जिसके चलते करीब 5 से 6 लाख लीटर पानी रोजाना प्लांट में जा रहा है। जबकि अभी कम से कम 12 से 15 लाख लीटर गंदा पानी नदी में समा रहा है।
प्लांट लगाने का मुख्य उद्देश्य गंदा पानी नदी तक न पहुंचे। साथ ही गंदे पानी को शुद्ध करना है। ताकि नदी में मिलने से पहले नालियों के पानी में बीमारी फैलाने वाले जीव न हों और लोग फिर से सकरी नदी के पानी से निस्तारी कर सके, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। आज भी नदी में पूर्व की तरह ही गंदा पानी व कचरा भरा हुआ है। इसके बाद भी नगरीय प्रशासन इस पर ध्यान नही दे रहा।