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आईएएस जन्मेजय महोबे ने ग्रहण किया कवर्धा कलेक्टर का कार्यभार

राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर अधिकारियों के ट्रांसफर किए हैं। इनमें कई जिलों के कलेक्टर से लेकर नगर निगम के आयुक्त तक प्रभावित हुए हैं। इनमें कवर्धा जिले के कलेक्टर भी शामिल हैं। इनका भी ट्रांसफर हो गया है और अब नए कलेक्टर के रूप में जनमेजय महोबे ने शुक्रवार को कार्यभार संभालाा है।

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आईएएस जन्मेजय महोबे ने ग्रहण किया कवर्धा कलेक्टर का कार्यभार

आईएएस जन्मेजय महोबे ने ग्रहण किया कवर्धा कलेक्टर का कार्यभार

कबीरधाम जिले के नए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने शुक्रवार को कार्यभार ग्रहण किया है। निवर्तमान कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने नवपदस्थ कलेक्टर महोबे को कार्यभार ग्रहण कराने की औपचारिकताएं पूरी की।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे (५३) वर्ष २०११ बैच के आईएएस हैं। इतिहास विषय पर एमए की डिग्री हासिल किए हैं। वर्ष २०२० में इन्होंने बालोद जिले में कलेक्टर का पदभार ग्रहण किया। वहां पर इन्होंने कोरोना काल की विकट परिस्थितियों को संभाला। स्वास्थ्य सेवा और जल आवर्धन को लेकर बेहतर कार्य किए। वहीं लगातार फील्ड में रहे। शासन की योजनाओं के क्रियांवयन के लिए लगातार स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, धान उपार्जन केंद्र, गौठानों का निरीक्षण करते रहे। यह चर्चा में भी रहे जब ग्रामीण क्षेत्रों में निरीक्षण के लिए स्कूल पहुंचकर बच्चों को पढ़ाई कराने लगते। बच्चों से गणित के सवाल पूछते व जवाब देते। बालोद कलेक्टर के पूर्व इन्होंने वर्ष २०१७ में राजभवन सचिवायल के उपसचिव की जिम्मेदारी भी निभाई।
शुक्रवार को निवर्तमान कलेक्टर शर्मा ने कलेक्टर महोबे को जिले की नई जिम्मेदारी मिलने के लिए हर्ष व्यक्त किया और जिले के सभी प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों का परिचय भी कराया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर बीएस उइके, जिला पंचायत सीईओ संदीप कुमार अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर इंद्रजीत बर्मन, दिप्ती गौते, कवर्धा एसडीएम विनय सोनी, पंडरिया डीएल डाहिरे, डिप्टी कलेक्टर संदीप ठाकुर, आकांक्षा नायक, जिला कोषालय अधिकारी मिर्जा इश्तियाक अहमद बेग उपस्थित थे।

कार्य में आएगी तेजी
कार्यभार संभालने के बाद अब नए कलेक्टर जल्द ही मौका-मुआयना शुरू करेंगे। इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी और माना जा रहा है कि कलेक्टर इसके लिए विशेष कार्ययोजना भी बना सकते हैं ताकि राज्य सरकार की ओर से संचालित महत्वाकांक्षी योजनाओं को जमीनी धरातल पर उतारा जा सके।