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सतनामी समाज का है, कहकर तोड़ दिया घर

विश्व सामाजिक न्याय दिवस पर कबीरधाम में एक परिवार के साथ जाती के नाम पर हुआ अन्याय

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kawardha news

कवर्धा . आज हम विश्व सामाजिक न्याय दिवस मना रहे हैं, समाज से बहिष्कार, बेरोजगारी व गरीबी से निपटने का प्रयास लगातार कर रहे हैं, लेकिन आज तक इसमें सुधार नहीं हुआ है। जिले में लगातार सामाजिक व जाति भेदभाव का सामना दलित परिवार को झेलना पड़ रहा है।

विश्व सामाजिक न्याय दिवस प्रत्येक वर्ष 20 फरवरी को सम्पूर्ण विश्व में मनाया जाता है। यह दिवस विभिन्न सामाजिक मुद्दों, जैसे बहिष्कार, बेरोजगारी व गरीबी से निपटने के प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। लेकिन प्रदेश के मुख्यमंत्री के गृह जिले में सतनामी समाज को उपेक्षा का दंश झेलना पड़ रहा है। ऐसे ही एक मामला सामने आया है। जिसमें गांव के कुछ दबांगों ने प्रशासन से मिलकर सतनामी समाज का है कहकर दस वर्ष से रहे मकान को तोडक़र उनके साथ अन्याय किया गया है।

इससे परेशान परिवार के सदस्यों ने रहने कोई जगह व व्यवस्थापन नहीं होने से जिला मुख्यालय पहुंचकर अपना डेरा डाल दिया है। पिपरिया थाना अंतर्गत ग्राम झलमला में गंगाराम सतनामी के साथ परिवार के 20 सदस्य के साथ बच्चों निवास करते थे, लेकिन गांव के कुछ दबांगों द्वारा सतनामी जाति से छुआछुत की भावना रखते हुए एसडीएम के पास अतिक्रमण किए जाने की शिकायत कर 14 फरवरी को गंगाराम के पक्का मकान को तोड़ दिया गया।

कलक्ट्रेट के सामने डेरा

गंगाराम सहित परिवार के संजय काण्डे, विमला बाई, उमा बाई सहित बच्चे व बुजूर्ग झलमला में चार दिनों तक खुले आसमान में रहकर अपना गुजारा किया। लेकिन प्रशासन द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इससे परेशान परिवार के 15 सदस्य जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्ट्रेट के सामने डेरा डाल दिया है। सुबह 9 बजे पहुंच कर खाना बनाकर भोजन भी किया है। वहीं जब तक प्रशासन द्वारा कहीं दूसरे स्थान पर व्यवस्थापन नहीं करते तब तक कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने दिन रात रहेंगे।

न नोटिस, न सूचना

एसडीएम कवर्धा द्वारा 14 फरवरी को गंगाराम के पक्के मकान को अतिक्रमण बताते हुए गांव वालों की शिकायत पर तोड़ दिया। इससे पहले प्रशासन द्वारा अतिक्रमण तोडऩे के लिए प्रकार की सूचना व नोटिस नहीं दिया गय। इसके कारण घर का पुरा समान भी खुले आसमान में था। जिसमें से कुछ समान रात के अंधेरे में चोरी कर लिया गया। इससे परेशान परिवार के सदस्यों ने जिला प्रशासन से व्यवस्थापन की मांग करते हुए गुहार लगाई है। ग्रामीणाों ने जाति के कारण शिकायत किया था।

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