
आम लोगों को रुला रहा है प्याज, जानें दाम में बढ़ोतरी के पीछे का राज
कवर्धा . सिलेण्डर रिफलिंग के दाम बढऩे के साथ ही प्याज के दाम में भी उछाल आ चुका है। मतलब रसोई से दो तरफा हमला हुआ है। एक माह से अधिक समय से प्याज की बढ़ी हुई कीमत से एक ओर जहां रसोई घर का बजट बिगाड़ रखा है वहीं आम लोगों की आंखों में आंसू भी ला दिया है। प्याज के दाम कम होने का नाम ही नहीं ले रहा, जबकि भाव और भी बढ़ता ही जा रहा है।
व्यापारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से बाजार में प्याज की पर्याप्त आवक नहीं हो रही है। जिले के बाजार में ज्यादातर प्याज रायपुर, राजनांदगांव व नासिक की मंडी से आता है। फिलहाल मांग के अनुरूप आवक नहीं होने के कारण इसकी कीमतों में एक बार फिर तेजी की स्थिति बनी हुई है। वर्तमान में प्याज थोक में 60 प्रति किलो की दर से मिल रहा है यही कारण है कि उपभोक्ताओं को चिल्लर में 70 से 80 प्रति किलो की दर से बेचा जा रहा है। नया प्याज थोक में 55 रुपए से अधिक प्रति किलो के दर से मिल रहा है ऐसे में एक पाव या आधा किलो होने पर उपभोक्ताओं को उसके दाम 70 से 80 रुपए प्रति किलो देना पड़ रहा है।
कहीं प्याज की जमाखोरी तो नहीं
प्याज के मामले में ऐसा होता है कि जैसे ही इसके दाम एक बार बढ़ता है बड़ी व्यापारी इसकी जमाखोरी कर देते हैं। जानते हैं कि अभी नया प्याज लोक बाडिय़ों से नहीं आ रहा। ऐसे में स्टॉक कर देने से स्वत: ही दाम में उछाल आएगा। जैसे ही दाम बढ़ता बड़े व्यापारी धीरे-धीरे प्याज निकालने लगते हैं। इस पर भी नजर रखते है अन्य शहर में प्याज के क्या दाम है और लोकल बाडिय़ों से कब तक प्याज आ सकता है।
टमाटर के भी दाम बढ़े
दूसरी ओर बाजार में लोकल बाडिय़ों से आवक नहीं होने के कारण टमाटर की कीमतें भी लगातार बढ़ती जा रही है। गुरुवार और रविवार को कवर्धा बाजार के दिन जहां टमाटर 20 रुपए प्रति किलो की दर से बिकता है वहीं अन्य दिनों में इसकी कीमत बढ़ कर 40 रुपए प्रति किलो हो जाता है। सब्जी विक्रेताओं के अनुसार बाहर से भी पर्याप्त आवक नहीं होने के कारण टमाटर की कीमतों में तेजी बनी हुई। लोकल बाडिय़ों से जैसे ही आवक हुई होगी। सब्जियों के दाम में कमी आने की संभावना है।
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Published on:
5 Nov 2019, 4:31 PM IST
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