नगर पंचायत सहसपुर लोहारा में चल रहा कुर्सी खेल सीएमओ को भारी पड़ गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संयुक्त सचिव ने आदेश जारी कर सीएमओ विकास नारायण सिंह को निलंबित कर दिया है। शासन ने नगर पंचायत सीएमओ का अस्थायी प्रभार कवर्धा नगर पालिका सीएमओ नरेश वर्मा को दिया गया है।
कवर्धा. नगर पंचायत सहसपुर लोहारा में पदस्थापना के दौरान कांक्रीट चेयर और वाटर कूलर क्रय के लिए 3 निविदाकारों से प्राप्त फार्म सी में एक ही व्यक्ति की लिखावट को अनदेखी कर निविदा में लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। कार्यपालन अभियंता नगर पालिका परिषद कवर्धा द्वारा मैन्यूअल निविदा में प्राप्त न्यूनतम दर प्रचलित बाजार दर से अधिक होने कारण पुन: निविदा करने की अनुशंसा की गई थी लेकिन अनुशंसा के विपरीत जाकर सीएमओ द्वारा जेम पोर्टल से सामग्री खरीदी के लिए सहमति दी गई। नगर पंचायत से 36 नग कुर्सी 25 हजार रुपए प्रति नग की दर से खरीदी की गई। जेम पार्टल के माध्यम से उन्हीं सामग्रियों की खरीदी किये जाने के निर्देश हैं जिन सामग्रियों की विशिष्टियां ई-मानक पोर्टल पर उपलब्ध न हो। ई-मानक पोर्टल पर वाटर कूलर की दर उपलब्ध होने के बाद भी जेम पार्टल के माध्यम से सामग्री क्रय कर सीएमओ द्वारा शासन आदेशों की अवहेलना की गई।
यह कहा गया आदेश में
शासन से जारी आदेश में बताया गया कि राज्य शासन द्वारा सीएमओ नगर पंचायत सहसपुर लोहारा विकास नारायण सिंह को छत्तीसगढ़ राज्य नगर पालिका सेवा, भर्ती तथा सेवा शर्त नियम 2017 के नियम 33 के प्रावधान अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित करता है। निलंबन अवधि में सिंह का मुख्यालय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग नियत किया गया है।
मंत्री तक पहुंची शिकायत
लंबे समय से नगर पंचायत में वित्तीय अनियमितता के मामले प्रकाश में आते रहे हैं। पिछले दिनों में कैबिनेट मंत्री के समक्ष भी यह मामला काफी जोर-शोर से उठाया गया था। इसके बाद मंत्री ने कामकाज के तरीके पर नाराजगी भी जताई थी लेकिन इसके बाद शासन ने गंभीरता से लिया और मंत्री के दौरे के महज ७ दिन के भीतर सीएमओ का निलंबन हो गया।