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सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए लिए जा रहे पैसे , परेशान हुए ग्रामीण

वनांचल में कई ऐसे उपस्वास्थ्य केंद्र हैं जहां पर इंजेक्शन और बॉटल लगाने के लिए भी ग्रामीणों से फीस लिया जाता है।
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कवर्धा

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Deepak Sahu

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Updated: 7 Mar 2018, 11:51 AM IST

govt. hospital

कवर्धा .सरकारी अस्पताल में इलाज मुफ्त होता है। इसी धारणा के चलते ही लोग जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व उपस्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए पहुंचते हैं।अब यदि शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में निजी प्रेक्टिस होने लगे और मुफ्त के बजाए मनमानी फीस भी लेने लगे तो सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में अंतर ही क्या रह जाएगा। ऐसा ही वनांचल के कई अस्पतालों में हो रहा है।


ऐसा केवल वनांचल के स्वास्थ्य केंद्रों में होता है ऐसा नहीं है। इस तरह का वाक्या जिला अस्पताल में भी हो चुका है। कई बार तो पैसे के लिए शव और नवजात शिशु तक को नहीं ले जाने दिया जाता।

वहीं उपस्वास्थ्य केंद्र की एएनएम का कहना है उन्हें हर माह मात्र 5 से 10 इंजेक्शन कीट मिलता है ऐसे में बाकी मरीजों को कहां से इलाज करेंगे। इसलिए उपस्वास्थ्य केंद्र में ही प्राइवेट प्रेक्टिस करती हैं। इसके लिए वह खुद पैसे खर्च कर कीट खरीदती हैं । इसके लिए वह इंजेक्शन के पैसे लेती हैं। वनांचल में केंद्रों की ऐसे ही हालत है।बैगा आदिवासी क्षेत्र के लिए शासकीय उपस्वास्थ्य केंद्र में लिया जाने वाला 20 रुपए भी 200 रुपए के समान है। क्योंकि इनके पास जीवकोपार्जन के लिए पैसे नाम मात्र ही होते है। ऐसे में यदि शासकीय अस्पताल में ही भी इनसे रुपए वसूल लिए जाएंगे तो यह कहीं भी इजाल नहीं करा पाएंगे।

डॉ. अखिलेश त्रिपाठी सीएमएचओ, कबीरधाम