
just waiting for the roadside bus
कवर्धा. यह जिले का दुर्भाग्य ही है, जो सरकारी योजनाओं का लाभ सबको बराबर नहीं मिल रहा। कहीं लाखों रुपए खर्च कर बने प्रतीक्षालय बेकार पड़े हैं। तो कहीं प्रतीक्षालय ही नहीं बना। कुछ ऐसा ही हाल ग्राम रबेली पहुंच मार्ग का है, जहां यात्रियों को आज पर्यंत प्रतीक्षालय की सुविधा नहीं मिल पाई। बसों के इंतजार में यात्री सड़क किनारे धूप सेंकते बैठे रहते हैं।
जिला मुख्यालय से रबेली तक पक्की मार्ग तो बन गया है, लेकिन इस मार्ग पर एक भी बस स्टॉपेज नहीं देखने को मिला। जबकि इस रुट पर दर्जनों गांव के सैकड़ों लोग आवागमन करते हैं। यात्रियों को लेने व छोडऩे के लिए यात्री बस चौक चौराहे पर रुकती है। रोजाना ही सैकड़ों यात्रियों का यहां आना-जाना लगा रहता है। बावजूद इसके आज पर्यंत बस स्टॉप पर प्रतीक्षालय नहीं बनाया जा सका है। इसके बाद भी स्टापेज का न होना समझ से परे हैं। चौक चौराहे तक यात्री पहुंच तो जाते हैं, लेकिन बसों का इंतजार करने के लिए छांव तलाशते रहते हैं। बसों के इंतजार में यात्री धूप व बारिश में मार झेलने को मजबूर हैं। प्रतीक्षालय नहीं होने से लोगों को आसपास किराना दुकान, होटलों और पान ठेलों में आश्रय लेना पड़ता है। कई बार तो यात्रियों को फजीहत भी झेलनी पड़ जाती है।
नहीं दिखा रहे रूचि
यूं तो जिले में लोगों को सुविधा मुहैया कराने को लेकर ताबड़तोड़ निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। स्कूल भवन, आंगनबाड़ी व कई अन्य सरकारी भवन निर्माण किए जा रहे हैं। यह बिरकोनावासियों की बदकिस्मती ही है, जो उन्हें एक प्रतीक्षालय की सुविधा तक नसीब नहीं हो पा रहा है। इसे लेकर न तो सरकारी तंत्र रूचि दिखा रहा है और न ही पंचायत प्रतिनिधि। वे तो केवल सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार में मशगूल हैं।
Published on:
09 Oct 2018 12:17 pm
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