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7 करोड़ के धान घोटाले का खुलासा! 26 हजार क्विंटल धान गायब, चूहे-मौसम का दिया जा रहा हवाला…

CG Dhan Scam: धान के भंडारण को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। विपणन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले के दो संग्रहण केंद्रों से करीब 26 हजार क्विंटल धान गायब हो गया है।

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7 करोड़ के धान घोटाले का खुलासा! 26 हजार क्विंटल धान गायब, चूहे-मौसम का दिया जा रहा हवाला...(photo-patrika)

7 करोड़ के धान घोटाले का खुलासा! 26 हजार क्विंटल धान गायब, चूहे-मौसम का दिया जा रहा हवाला...(photo-patrika)

CG Dhan Scam: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के भंडारण को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। विपणन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले के दो संग्रहण केंद्रों से करीब 26 हजार क्विंटल धान गायब हो गया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

CG Dhan Scam: चूहे, दीमक और मौसम को ठहराया गया जिम्मेदार

अधिकारियों की ओर से दावा किया जा रहा है कि धान को मौसम, चूहे, दीमक और कीट-पतंगों के कारण नुकसान हुआ है। हालांकि प्रारंभिक जांच में इस दावे पर सवाल खड़े हो रहे हैं और गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।

चारभाठा और बघर्रा संग्रहण केंद्रों में गड़बड़ी

यह मामला वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीदे गए धान से जुड़ा है। बाजार चारभाठा और बघर्रा संग्रहण केंद्रों में कुल 7 लाख 99 हजार क्विंटल धान का भंडारण किया गया था। उठाव के बाद जब स्टॉक का मिलान किया गया, तो दोनों केंद्रों से 26 हजार क्विंटल धान की कमी सामने आई। सबसे अधिक गड़बड़ी बाजार चारभाठा केंद्र में पाई गई, जहां से अकेले 22 हजार क्विंटल धान गायब बताया जा रहा है।

प्रभारी हटाया गया, 5 करोड़ की हेराफेरी का आरोप

मामले की गंभीरता को देखते हुए बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र के प्रभारी प्रितेश पांडेय को हटा दिया गया है। आरोप है कि प्रभारी ने उपार्जन केंद्र के जिम्मेदारों के साथ मिलकर फर्जी आवक-जावक, डैमेज धान की फर्जी खरीदी, मजदूरों की फर्जी हाजिरी और सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ कर सुनियोजित तरीके से हेराफेरी की। शुरुआती जानकारी के अनुसार इसमें करीब 5 करोड़ रुपये की गड़बड़ी की आशंका है।

अधिकारियों के बयान

जिला विपणन अधिकारी अभिषेक मिश्रा ने कहा कि संग्रहण केंद्र प्रभारी को हटा दिया गया है और धान की कमी को मौसम व कीट-पतंगों से हुए नुकसान के रूप में बताया गया है। उनका दावा है कि प्रदेश के अन्य 65 संग्रहण केंद्रों की तुलना में जिले की स्थिति बेहतर है। वहीं सहायक जिला खाद्य अधिकारी मदन साहू ने बताया कि शिकायत गंभीर है और प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए हैं। जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जांच के बाद तय होगी कार्रवाई

अब निगाहें जांच टीम की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि आरोप साबित होते हैं, तो धान खरीदी और भंडारण व्यवस्था में शामिल जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।