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नो एंट्री में ढील मिलते ही भूल गए बायपास की सुध

शहर के लिए जरूरी है वैकल्पिक मार्ग, जनप्रतिनिधियों को करना होगी कोशिश

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Campaign: Transporters also want bypass for smooth traffic

Campaign: Transporters also want bypass for smooth traffic

खंडवा. नो एंट्री में ढील मिलने के बाद अब जिम्मेदार बायपास को भूल गए हैं। वैकल्पिक मार्ग के तौर पर सुगम यातायात के लिए शहर को एक बाइपास की जरूरत है। खंडवा एक ऐसा शहर है जहां सिर्फ एक ही ऐसा रास्ता है जो दूसरे जिलों की सीमा को जोड़ता है। यानि शहर के अंदर से होकर गुजरना ही पड़ेगा। बायपास के लिए पूर्व में कई बार योजनाएं बनीं और कागजों में सिमट कर रह गईं। उसे धरातल पर नहीं उतारा जा सका।
मिलकर करने होंगे प्रयास
अमरावती, बुरहानपुर, हरदा, इंदौर के वाहन खंडवा शहर से होकर गुजरते हैं। महाराष्ट्र से भी कई वाहन मप्र में आते जाते हैं। इसलिए बायपास बनाना जरूरी है। सांसद, विधायक और पुलिस- प्रशासन के अधिकारी अगर इस मसले पर चिंतन करें तो राह आसान हो सकती है और भविष्य में यातायात का दबाव शहर के अंदर कम रहेगा।
वर्जन...
बायपास की जरूरत तो वर्षों से इस शहर को है। कई बार लोगों ने बात उठाई लेकिन यहां सुनवाई नहीं हो पाई। यातायात का दबाव बढ़ने से ओवरब्रिज पर अक्सर जाम लग जाता है।
- अमित शर्मा, शहरवासी
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शहर विकास के लिए बायपास होना जरूरी है। नए रास्ते पर व्यापारी और रोजगार के अवसर बनेंगे। साथ ही शहर के अंदर से यातायात का दबाव कम हो सकेगा।
- स्वर्ण कौर कुकरेजा, शहरवासी
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इस शहर का विकास करने के लिए कोई सुनने वाला नहीं है। ज्यादातर वाहन ऐसे निकलते हैं जिनका ठहराव खंडवा में नहीं है। इन वाहनों के लिए बाहरी रास्ता जरूरी है।
- विशाल, शहरवासी
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सत्ता पक्ष के सांसद, विधायक हैं और कलेक्टर भी नई उम्र के हैं। चाहें तो बायपास की अनुमति पल भर में मिल जाए। लेकिन यहां विकास के नाम पर इच्छा शक्ति की कमी है।
- आशीष सोनी, शहरवासी

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