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अक्षय तृतीया पर खरीदारी के शुभ संयोग, मिलेगा अक्षय लाभ

मंगलवार को रोहिणी नक्षत्र, शोभन योग में अक्षय तृतीया मनाई जाएगी। इस बार आखातीज का पर्व बहुत ही खास है।

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Marriage in Akshaya Tritiya

Akshaya Tritiya 2021

खंडवा. मंगलवार को रोहिणी नक्षत्र, शोभन योग में अक्षय तृतीया मनाई जाएगी। इस बार आखातीज का पर्व बहुत ही खास है। मां शीतला संस्कृत पाठशाला के आचार्य अंकित मार्कण्डेय के अनुसार वैशाख शुक्ल तृतीया पर रवि योग साथ ही दो ग्रह उच्च राशि में रहेंगे, वहीं दो प्रमुख ग्रह स्वराशि में होंगे। तिथि, वार, योग, नक्षत्र तथा ग्रहों की श्रेष्ठ स्थिति में इस दिन दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होगी। अबूझ मुहूर्त में मांगलिक कार्यों का विशेष शुभफल प्राप्त होगा। अक्षय तृतीया मंगलवार के दिन रोहिणी नक्षत्र, शोभन योग, तैतिल करण, आन्नदादी मातंग योग के साथ सूर्य मेष , वृषभ राशि के चंद्रमा की साक्षी में आ रही है। मंगलवार के दिन रोहिणी नक्षत्र होने से यह मंगल रोहिणी योग का निर्माण होगा। शोभन योग की साक्षी इस दिन को शुभता प्रदान करेगी। विशेष यह है कि अक्षय तृतीया जैसी संपूर्ण तिथि पर हर प्रकार के शुभ मांगलिक कार्य करना श्रेष्ठ है।
दक्षिणा दान करने से अक्षय पुण्य
इस दिन जल से परिपूर्ण कलश पर फल रखकर, दक्षिणा दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। अक्षय तृतीया पर चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ तथा शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में रहेंगे। वहीं दो ग्रह अपनी स्वयं की राशि में होंगे। इसमें शनि अपनी राशि कुंभ तथा बृहस्पति स्वयं की राशि मीन में परिभ्रमण करेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चार ग्रहों का अनुकूल स्थिति में होना अपने आप में विशेष है। आम जनमानस में ग्रहों की इस स्थिति का प्रभाव दोषों के निवारण तथा बाधाओं की निवृत्ति के रूप में सामने आएंगे।
जल दान का विशेष महत्व
वैशाख मास में जल दान का विशेष महत्व है। धर्मशास्त्रीय मान्यता में आखातीज पर दो घट (मटके) का दान अवश्य करना चाहिए। एक घट पितरों का तथा एक घट भगवान विष्णु का माना गया है। पितरों वाले घट को जल से परिपूर्ण कर काले तिल, चंदन तथा सफेद पुष्प डालें तथा भगवान विष्णु वाले घट में जल भरकर सफेद जौ पीला पुष्प चंदन तथा पंचामृत डालकर उस पर फल रखें। इसके बाद पूजा अर्चना कर वैदिक ब्राह्मण को दोनों घट का दान करें। इससे पितृ तथा भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। परिवार में सुख समृद्धि बनी रहती है।
खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त
09:08 से 10:46 चर
10:46 से 12:24 लाभ
12:24 से 02:02 अमृत
06:42 से 07:06 गोधूली

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