
Board of license thrown in the corner to promote liquor
खंडवा. आबकारी विभाग ने शराब ठेकेदारों को मनमानी करने की छूट दे रखी है। यही वजह है कि अपने ही विभाग के बनाए नियमों का पालन यहां के अफसर नहीं करा पा रहे। आबकारी नियमों में स्पष्ट है कि मदिरा की फुटकर बिक्री दुकान पर शराब के प्रचार प्रसार से संबंधित विज्ञापन के बोर्ड नहीं होंगे। जबकि यहां लायसेंसी के नाम का ही बोर्ड कोने में फेक एक निश्चित ब्रांड का प्रचार किया जा रहा है। जसवाड़ी रोड िस्थत माता चौक के पास शराब दुकान पर देखें तो यहां तलाशने पर लायसेंसी के नाम का बोर्ड एक कोने में नजर आता है। जबकि इसे स्पष्ट और मोटे अक्षरों से लिखकर दुकान के सामने लगाना है। यह तो एक दुकान की बात है, शहर की अधिकांश दुकानों पर यही आलम है।
लायसेंस वैध, बाकी सब अवैध
शराब दुकानों पर नियमों का पालन नहीं करा पाने वाले आबकारी के अफसर यहां संचालित अहातों पर खासी मेहरबानी कर रहे हैं। अहातों में धड़ल्ले से प्रतिबंधित डिस्पोजल बिक रहे हैं और इन्हीं में शराब परोसी जा रही है। जबकि सरकार ने इस तरह के डिस्पोजल गिलास पर पाबंदी लगाई है और इसका उपयोग या बिक्री करने वाले पर जुर्माना कार्रवाई का भी प्रावधान है।
रद्दी की टोकरी में आदेश
मदिरा की फुटकर बिक्री की दुकान के लायसेंसी द्वारा मदिरा दुकान पर अधिक से अधिक 10 फुट लम्बे एवं 4 फीट चौड़े या ऊंचे आकार का एक साईन बोर्ड लगाया जाएगा। जिस पर हिन्दी, अंग्रेजी में मोटे अक्षरों में केवल मदिरा दुकान का प्रकार उसकी अवस्थिति, लायसेंस का क्रमांक, लायसेंस की अवधि तथा लायसेंसी का नाम अंकित होगा। इस बोर्ड पर मदिरापान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, अंकित करना होगा। साईन बोर्ड के आस- पास मदिरा विज्ञापन संबंधी कोई दूसरा पोस्टर अथवा प्रचार सामग्री चस्पा या वर्णित नहीं होगी। इसके अतिरिक्त प्रत्येक मदिरा दुकान पर मदिरा की रेट लिस्ट लगाई जाएगी। इस नियम का पालन आबकारी विभाग नहीं करा पा रहा।
Published on:
07 Nov 2022 11:42 am
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