-व्रती परिवारों ने डूबते सूर्य को अघ्र्य देकर की छठ माता की पूजा-आज उगते सूर्य को अघ्र्य देकर होगा पारणा के साथ पर्व का समापन
उत्तर भारत, बिहार में गंगा के घाटों पर नजर आने वाला नजारा रविवार को खंडवा के गणगौर घाट पर नजर आया। यहां बिहारी परिवारों द्वारा छठ महापर्व पर डूबते सूर्य को गाय के दूध और गंगाजल से अघ्र्य दिया गया। इस दौरान घाट पर 'कांचहि बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाए..., दर्शन दीहीं ना अपन ये छठी मइया...’ जैसे गीत गूंज उठे। सोमवार को चार दिवसीय महापर्व का समापन सुबह 6 बजे उगते सूर्य को गंगाजल से अघ्र्य देकर होगा।
चार दिवसीय छठ महापर्व के तीसरे दिन व्रती परिवारों द्वारा आबना नदी के तट पर गणगौर घाट में छठ माता की पूजा कर डूबते सूर्य को अघ्र्य दिया गया। दोपहर से ही व्रती परिवारों का गणगौर घाट पहुंचना आरंभ हो गया था। यहां घाट पर गन्ने के मंडप के नीचे माता की वेदी बनाकर भक्तों ने भगवान सूर्य की आराधना की। बांस से बने डाल और सूप में प्रसाद रखकर माता की पूजा हुई। माता को ठेकुआ (आटा और गुड से बना प्रसाद), सूखा और कच्चा नारियल, छुहारा, किशमिश, काजू, पंचमेवा, सेव, केला, अनार, गन्ना, नारंगी, अमरूद, नाशपती, शकरकंद, सीताफल समेत मौसमी फल का भोग लगाया। महापर्व छठ पूजा समिति के एसजे श्रीवास्तव ने बताया सोमवार सुबह घाट पर पूजन के बाद प्रासाद का वितरण किया जाएगा।
छठ पूजा महापर्व मैं गंगौर घाट पर महापौर अमृता यादव, भाजपा प्रत्याशी कंचन मुकेश तनवे, एसडीएम अरविंद चौहान, सुनील जैन महादेवगढ़ संरक्षक अशोक पालीवाल, माधव झा आशीष चटकले, धर्मेंद्र बजाज सुनील बंसल ने भी पूजा अर्चना कर सामाजिक बंधुओं को पर्व की शुभकामनाएं प्रेषित की। महापर्व छठ पूजन के आयोजन में समिति अध्यक्ष एसजे श्रीवास्तव, सुधीर शर्मा, संतोष शर्मा, सुभाष सिंह, आलोक तिवारी, अभिजीत तिवारी, रणजीत सिंह, अंकित सिंह, किशोरी प्रसाद, अभिषेक सिंह, प्रशांत शर्मा, हरेंद्र नाथ ठाकुर का सहयोग रहा।