मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना को पलीता लगा रहे जिम्मेदार, शहर में कम नहीं हो रही अव्यवस्थाएंशिविर से पहले ही उभरा मतभेद, दो टुकड़ों में बंटा, परेशान होते रहे लोग
खंडवा .शहर में मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान का शिविर सोमवार को भी अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया। वार्ड 35, 36, 37 व 38 वार्ड को सूचना दी गई कि महालक्ष्मी माता मंदिर के बगल में संयुक्त शिविर लगेगा। निगम के अधिकारी सुबह टेंट, कुर्सी लेकर निर्धारित जगह शिविर लगाने पहुंचे। वहां मौजूद पार्षदों के बीच संयुक्त शिविर की सहमति नहीं बनी, इससे शिविर शुरू होने से पहले ही दो टुकड़ों में बंट गया। दोनों शिविर अलग-अलग लगाए गए। पहला निर्धारित माता मंदिर के बगल व दूसरा सिंधी धर्मशाला में लगा। अचानक हुए बदलाव से शिविर में पहुंचे लोग परेशान होते रहे।
पेंशन के 12, आयुष के 190 आवेदन
माता मंदिर के पास चार की जगह दो वार्डों का संयुक्त शिविर लगा। यहां पर 35 व 36 के पार्षद शिविर में कर्मचारियों के साथ बैठे रहे। शिविर के नोडल अधिकारी के अनुसार पेंशन के 12 और आयुष्मान के 190 आवेदन आए हैं। इसके अलावा 33 में अन्य योजनाओं के आवेदन नहीं आए हैं। शिविर में आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए भीड़ रही। कइयों के दस्तावेज में अनियमितता मिलने पर लौटना पड़ा।
सिंधी धर्मशाला में पेंशन के 22 व आयुष के छह आवेदन
सिंधी धर्मशाला में 37 व 38 वार्ड का शिविर लगा। पेंशन के 22 व आयुष्मान के 64 आवेदन आए। कई आवेदकों ने बताया सूचना महालक्ष्मी माता मंदिर के बगल मिली थी। इससे भटकना पड़ा। शिविर में पार्षद पवन गोस्वामी, पार्षद काजल लालवानी के साथ सेवा के लिए राम वासमी, सोनूलालवानी, चंद्रवाड़वानी आदि ने सेवाएं दी। यहां चार वार्ड का एक जगह संयुक्त शिविर रखा गया। यहां के लोग वहां जाने से इनकार कर दिया। इससे यहां लगाना पड़ा। शिविर में पहुंची कई महिलाओं ने कहा जगह बदलने से दिक्कत हुई।
सहमति नहीं बनने पर दो-दो वार्ड का अलग-अलग जगहों पर लगाया
माता मंदिर के बगल चार वार्डों का संयुक्त शिविर की सूचना दी गई थी। सुबह सहमति नहीं बनने पर दो-दो वार्ड का अलग-अलग जगहों पर लगाया गया। दोनों जगहों पर चार-चार कर्मचारियों को भेजा गया। रामचरण लाल खरे, नोडल अधिकारी, मुख्यमंत्री जन सेवा शिविर