-गृह युद्ध, दंगे जैसी आपात स्थिति में व्यवस्थाओं को संभालेंगे प्रशिक्षित युवा -विभिन्न दुर्घटनाओं, अग्नि दुर्घटना पर रेस्क्यू, उपचार का मिलेगा प्रशिक्षण
-गृह युद्ध, दंगे जैसी आपात स्थिति में व्यवस्थाओं को संभालेंगे प्रशिक्षित युवा
-विभिन्न दुर्घटनाओं, अग्नि दुर्घटना पर रेस्क्यू, उपचार का मिलेगा प्रशिक्षण
भारत-पाकिस्तान के बीच बने युद्ध के हालात को देखते हुए देश में आंतरिक सुरक्षा की भी तैयारी की जा रही है। युद्ध होने की स्थिति में सीमा पर तो सेना जंग लड़ेगी ही, देश में सिविल डिफेंस की टीम भी गृह युद्ध, दंगे, आपात स्थितियों के लिए तैयार रहेगी। जिला प्रशासन द्वारा भी सिविल डिफेंस की टीम बनाने के लिए देशभक्ति और समाजसेवा में रूचि रखने वाले युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। सिविल डिफेंस की टीम को हर आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण वृहद स्तर पर दिया जाएगा।
जिले में सिविल डिफेंस स्वयं सेवकों की टीम तैयार करने जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम द्वारा युवाओं को आमंत्रित किया जा रहा है। इसमें एनसीसी, नगर, ग्राम सुरक्षा समिति सदस्य, देशभक्ति का जज्बा रखने वाले युवाओं को शामिल किया जा रहा है। प्रशिक्षण पुलिस विभाग, एनडीआरएफ, नगर निगम अग्निशमन अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टर्स द्वारा विभिन्न चरणों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण सोमवार सुबह 6 बजे पुलिस लाइन ग्राउंड पर दिया जाएगा। इसमें सबसे पहले युवाओं के पंजीयन किए जाएंगे। पहले दिन करीब 400 युवाओं के प्रशिक्षण का लक्ष्य रखा गया है। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा चार दिन में करीब एक हजार सिविल डिफेंस स्वयं सेवकों की टीम आपात स्थिति के लिए तैयार की जाएगी।
इस तरह से होगा प्रशिक्षण
आपात स्थिति से निपटने के लिए नागरिकों और स्वयं सेवकों को बचाव, कल्याण सामग्री बचाव, शव निस्तारण, गोदाम व परिवहन सेवा के बारे में आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सभी स्कूलों, कॉलेजो, कार्यालयों में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। आपात स्थिति में बचाव के लिए प्राथमिक उपचार, अग्निशमन, रेस्क्यू तकनीक की शिक्षा प्रदान की जाएगी। सुरक्षा उपायों के संबंध में जानकारी दी जाएगी।
दो फोटो, पेन डायरी लाना होगा साथ
पुलिस आरआइ अरविंद दांगी ने बताया कि नागरिक सुरक्षा स्वयं सेवकों के आपदा प्रबंधन की प्रशिक्षण कार्यशाला में 18 से 50 वर्ष तक के वॉलंटियर शामिल हो सकते है। वॉलंटियर्स को प्रशिक्षण में अपने साथ 2 फोटो, पेन और एक डायरी साथ में लाना अनिवार्य है। इस प्रशिक्षण में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर प्रशिक्षण प्राप्त कर भविष्य में होने वाली किसी भी आपदा से हम अपने देश व शहर के लोगो की सुरक्षा में अपना सहयोग देने योग्य बन सकेंगे।