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मुंह से आहार नली में दो छेद कर फंस गया पांच इंच का पेन

लेट कर मुंह में पेन डालकर खुजाने के दौरान हुई घटना, ईएनटी विभाग की पहल से बची मरीज की जान, तत्काल हुई सारी जांच, आधा घंटे चला ऑपरेशन

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लेट कर मुंह में पेन डालकर खुजाने के दौरान हुई घटना

खंडवा. लेटकर पेन से मुंह खुजाना एक युवा को बहुत भारी पड़ गया। उसका पेन मुंह के अंदर चला गया और युवक की जान पर बन आई। पांच इंच का पेन युवक के मुंह से आहार नली में दो छेद कर फंस गया। मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल में नाक-कान-गला विभाग विशेषज्ञों ने शुक्रवार को बेहद जटिल ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई।

चिकित्सकों ने बताया कि मरीज की आहार नली में पांच इंच का पेन फंसा था। ऑपरेशन के दौरान मरीज की जान को भी खतरा था, लेकिन ईएनटी विभाग ने जोखिम उठाया और मरीज की जान बच गई। मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल में पहली बार रिजिड इसोफेगोस्कोपी (दूरबीन पद्धति) से ऑपरेशन हुआ। फिलहाल मरीज स्वस्थ है।

जानकारी के अनुसार पड़ावा निवासी 35 वर्षीय मजीद रात को घर में लेटे-लेटे पेन से मुंह खुजा रहे थे। इस बीच उनके हाथ से बालपेन निकल गया और आहार नली में जा फंसा। गनीमत रही कि पेन श्वांस नली में नहीं फंसा, जिससे मरीज को सांस लेने में कोई दिक्कत नहीं थी। इसके बाद मजीद के गले में सूजन आना शुरू हो गई। उनसे न बोलते बन रहा था, न कुछ निगलते बन रहा था। परिजन अस्पताल लेकर आए और डॉक्टर को दिखाया।

इएनटी विभाग का केस होने से ड्यूटी डॉक्टर ने विभागाध्यक्ष डॉ. संजय अग्रवाल को सूचना दी। ऑनकाल पहुंचे डॉ. सुनील बाजोलिया ने रात में ही सीटी स्केन, एक्स-रे करवाया। आहार नली में पेन फंसा देख ऑपरेशन का निर्णय लिया गया।

ऑपरेशन के लिए सुबह मरीज की सारी जांचे इमरजेंसी में कराई गई। सारी जांच के बाद सुबह 9.30 बजे ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया। ईएनटी एचओडी डॉ. संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में डॉ. संजय बाजोलिया ने ऑपरेशन शुरू किया। दूरबीन पद्धति से आधे घंटे चले ऑपरेशन में मरीज के गले से पेन बाहर निकाला गया। ऑपरेशन में इएनटी विशेषज्ञ डॉ. अनिरूद्ध कौशल, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. शिखा अग्रवाल, स्टाफ पंकज, सुप्रिया सिस्टर, लक्की सिस्टर व अन्य का सहयोग रहा। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत ठीक है।

मुश्किल हो सकती थी
इएनटी विशेषज्ञ डॉ. सुनील बाजोलिया ने बताया कि जिला अस्पताल में पहली बार आहार नली में पेन फंसने का मामला आया था। मरीज के गले से पेन यदि सांस नली में फंस जाता तो बहुत मुश्किल हो सकती थी। ऑपरेशन सफल रहा। हमारी लोगों से अपील है कि मुंह में पेन, सिक्के, पिन, टूथपिक आदि न डाले, ये खतरनाक हो सकता है। खासतौर पर बच्चों को ऐसा करने से रोके।