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चार साल की बच्ची से दरिंदगी के आरोपी पर दोष सिद्ध, आज सुनाया जाएगा फैसला

पांच महीना पहले हुई थी वारदात, पॉक्सो एक्ट की स्पेशल कोर्ट में चली सुनवाई, 4 महीना 23 दिन चला ट्रायल, 36 गवाहों के दर्ज हुए बयान
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खंडवा

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Dheerendra Kumar Gupta

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Updated: 21 Apr 2023, 12:32 AM IST

high court

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खंडवा. चार साल की मासूम से दरिंदगी करने वाले आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध पाया गया है। उसकी सजा का फैसला शुक्रवार को पॉक्सो एक्ट की स्पेशल कोर्ट से सुनाया जाएगा। इस सनसनीखेज वारदात की सुनवाई 4 महीना 23 दिन तक चली, जिसके बाद अब फैसले की घड़ी आई है। इस प्रकरण की पैरवी जिला अभियोजन अधिकारी चंद्र शेखर हुक्मलवार ने की है।
यह है मामला
कोतवाली थाना की रामनगर चौकी अंतर्गत जसवाड़ी रोड में एक ढाबा के पीछे से 31 अक्टूबर 2022 को चार साल की बच्ची को अगवा कर लिया गया था। अपहरण करने वाले ने बच्ची से बलात्कार किया और फिर गला दबाकर उसे बगीचे में फेंक आया था। आरोपी के पकड़े जाने पर बच्ची को बेहोशी की हालत में बरामद कर अस्पताल दाखिल कराया गया था। यहां से बच्ची को इंदौर के बॉम्बे अस्पताल में इलाज के लिए भेजा था। इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संज्ञान लेते हुए दोषी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। साथ ही कहा था कि बच्ची के इलाज में कहीं भी कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
नशे में धुत मिला था आरोपी
आरोपी राजकुमार खालवा क्षेत्र का रहने वाला है। वह राजपूत ढाबा में काम करता था। ढाबा के पास ही रहने वाले एक परिवार से उसने सोने के लिए खटिया मांगी और इसी रात इस घर में आई रिश्तेदार की बच्ची के साथ वारदात कर दी थी। अपराध का पता चलने पर पुलिस ने पहले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया था। जांच विवेचना के दौरान जब आरोपी मिला तो वह नशे में धुत था। आरोपी से पूछताछ में पता चला था कि उसने अकेले ही वारदात को अंजाम दिया है।
गन्ने के खेत में मिले थे सबूत
आरोपी के बताने पर ही बगीचे से बेहोशी की हालत में बच्ची को बरामद किया गया था। आरोपी ने होश में आने पर पुलिस को बताया कि वह पानी पीने गया था, तभी बच्ची पर नजर पड़ी तो उसे उठा लिया। वहां से गन्ने के खेत में लाकर बलात्कार किया फिर उसका गला दबा दिया। आरोपी ने बच्ची को मृत समझ बगीचे में फेंक दिया था। लेकिन बच्ची जिंदा थी। गन्ने के खेत और बगीचे से फॉरेंसिक टीम ने रक्त और सीमन का नमूना जब्त किया था।
चालान से पहले आई डीएनए रिपोर्ट
पुलिस ने विवेचना पूरी कर इस प्रकरण का चालान 28 नवंबर 2022 को अदालत में पेश कर दिया था। चालान के साथ डीएनए जांच रिपोर्ट भी संलग्न थी। इस मामले की सुनवाई पॉक्सो एक्ट की स्पेशल कोर्ट में चली। सुनवाई के दौरान बालिका के परिजन, रिश्तेदार समेत अन्य साक्षियों के बयान हुए। कुल 36 लोगों ने बयान दर्ज कराए और 4 माह 23 दिन प्रकरण का ट्रायल चलने के बाद दोष सिद्ध पाया गया।
वर्जन...
चार साल की बच्ची के साथ अपराध घटित हुआ था। जिसमें विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्राची पटेल की न्यायालय ने आरोपी राजकुमार को सभी धाराओं में दोषी पाया है। फैसला सुरक्षित है, शुक्रवार को आरोपी को दंड सुनाया जाएगा।
- चंद्र शेखर हुक्मलवार, जिला अभियोजन अधिकारी, खंडवा