
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी ने अफसरों से पूछा कि गोदाम और सोसायटियों में डीएपी-यूरिया नहीं मिल रही तो खाद कहां जा रही है। दो लाख किसान हैं डिमांड बढ़ाई जाए।
जिले में डीएपी-यूरिया को लेकर मारामारी मची है। किसानों का कहना है कि यूरिया की जरूरत 8 बोरी, मिल रही सिर्फ दो, सोसायटियों में यूरिया नहीं -मार्कफेड, सोसायटियों पर डीएपी-यूरिया की कमी, किसानों ने पूछा : सोसाइटियों में नहीं तो कहां जा रही खाद हर रोज 250 किसानों को खाद मिल रही है।
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी ने अफसरों से पूछा कि गोदाम और सोसायटियों में डीएपी-यूरिया नहीं मिल रही तो खाद कहां जा रही है। दो लाख किसान हैं डिमांड बढ़ाई जाए। किसानों ने बड़गांव, पोखरकला,पंधाना, कालमुखी, खिरगांव, रनगांव, मूंदी भगवानपुर, अतर आदि सोसाइटियों में यूरिया नहीं है। कुछ सोसायटी में तो इस सीजन में खाद ही नहीं पहुंची। किसान संघ के महामंत्री सुभाष पटेल ने पूछा सोसायटियों में खाद नहीं है।
डीएमओ श्वेता सिंह ने जवाब दिया कि आपूर्ति हो रही। संबंधित विभाग जानकारी देगा। हमारे गोदाम पर प्रतिदिन 250 किसानों को खाद मिल रही। किसानों ने यह भी पूछा कि बाजार से ज्यादा हिस्सा सोसायटी का रहता है। फिर क्यों बाजार में उपलब्ध है सोसायटी में नहीं मिल रही। अपर कलेक्टर ने जवाब दिया वे सीधे कंपनियों से लेते हैं। किसानों ने कहा कि अधिकारी संयुक्त रूप से बैठें। 9 सितंबर को दोबारा बैठक बुलाई गई है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राधेश्याम चाचरिया समेत अन्य पदाधिकारी रहे।
मार्कफेड गोदाम पर किसान टोकन लेकर पहुंचे तो उन्हें यूरिया नहीं मिली। दोपहर से शाम तक डीएपी के लिए जद्दो जहद करते रहे। किसानों ने कहा कि डीएपी-यूरिया पर्याप्त नहीं मिल रही है। 19 एकड़ खेत की पावती है। जरूरत 14 बोरी की है। यूरिया नहीं मिली। डीएपी भी सिर्फ चार बोरी मिल रही। सोसायटियों में खाद ही नहीं है। डीएमओ का दावा है कि प्रतिदिन 250 किसानों को खाद मिल रही है। यूरिया का स्टाक सुबह खत्म हुआ है। रेगुलर रैक आ रही है।
मार्कफेड के गोदाम में यूरिया सुबह नहीं मिली। डीएपी 6 हजार बोरी रखी थी। बाहर 200 से अधिक किसान खड़े रहे। गोदाम में पोटाश 700 बोरी रखी है। अभी रेट तय नहीं है। 2020 की एक हजार और टीएसी दो हजार बोरी है। 202013 की भी 1500 बोरी खाद रखी है। डीएपी के लिए मारामारी मची रही।
किसान दुलार सिंह राठौर का कहना है कि पांच पावती के बीच हमारी 35 एकड़ भूमि है। सोसायटी में खाद नहीं मिली। गोदाम पर भी डीएपी-यूरिया नहीं मिली।टेमीकला बगमार के किसान गोपाल सिंह का कहना है कि सोसायटी में खाद नहीं है। 16 किमी दूर से खाद लेने खंडवा आए हैं। 19 एकड़ के लिए 14 बोरी जरूरत है। सिर्फ 8 बोरी की पर्ची मिली। रुस्तमपुर के किसान दुर्गेश कुशवाह का कहना है कि 16 एकड़ भूमि है। रुस्तमपुर सोसायटी में खाद नहीं है। यहां भी यूरिया नहीं है। डीएपी भी जरूरत से आ
खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर और बड़वानी के लिए 7 माह में 97 रैक खाद आई। इसमें 47 रैक यूरिया है। प्रत्येक रैक में 2600 टन खाद होती है। खंडवा को सिर्फ एक चौथाई हिस्सा मिलता है। शेष अन्य जिले के लिए। खरगौन में अधिक खाद आपूर्ति की गई है।
गोदाम में खाद की कमी नहीं है। प्रतिदिन 250 किसानों को खाद मिल रही है। आज सुबह स्टाक खत्म हुआ है। डीएपी वितरण चल रहा है। यूरिया भी जल्द आएगी।
Updated on:
04 Sept 2025 12:01 am
Published on:
03 Sept 2025 11:59 pm

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