खंडवा. जिला क्षय उन्मूलन केन्द्र के जिला कार्यक्रम अधिकारी के नाम पर झोला छाप डॉक्टरों से रकम वसूली के मामले में अब डीपीसी पुलिस के पास पहुंचे हैं। डीपीसी हुसैन कुरैशी जब अपने परिचितों के साथ थाना मोघट रोड गए तो उनके आवेदन पर सुनवाई के बाद उन्हें थना छैगांव माखन जाकर एफआइआर कराने की सलाह दी गई। दोपहर बाद जब डीपीसी छैगांव माखन पहुंचे तो पता चला कि पहले से एफआइआर दर्ज है। यह रिपोर्ट उस व्यक्ति ने कराई है जिसने डीपीसी के नाम पर फर्जी व्यक्ति को पैसा दिया।
यह है मामला
डीपीसी हुसैन कुरैशी ने बताया कि उनके नाम और मोबाइल नंबर का गलत तरीके से उपयोग कर छैगांव माखन ब्लाॅक के सिरसोद गांव में झोला छाप डॉक्टरों से वसूली की गई है। इसके बारे में डॉक्टर मयंक पटेल, नईम शेख और फिर सिरसोद से शुभम पाटीदार के जरिए खबर मिली। शुभम से ही बात करने पर वसूली करने वाले व्यक्ति की तस्वीर और उसकी गाड़ी का नंबर मिला।
अब पकड़ा जाएगा फारूख
जब डीपीसी छैगांव माखन पहुंचे तो थाना प्रभारी राधेश्याम मालवीय ने बताया कि शुभम पाटीदार की रिपोर्ट पर आइपीसी की धारा 384 के तहत रंगदारी वसूलने की रिपोर्ट कर ली गई है। यहीं शुभम का डीपीसी हुसैन से सामना कराया तो उसने पहचानने से इंकार कर दिया। अब तस्वीर और गाड़ी नंबर के आधार पर फारूख नाम के युवक की तलाश हो रही है, जिसने डीपीसी बनकर शुभम से 7 हजार रुपए वसूल लिए। शुभम से 50 हजार रुपए की बात हुई थी और इसके अलावा भी कई लोगों को फारूख नाम के व्यक्ति ने शिकार बनाया है। पुलिस का कहना है कि फारूख खुद को पत्रकार बताता है और अफसर बनकर उसने ही अपराध किया है। पुलिस ने डीपीसी का आवेदन शुभम की एफआइआर में शामिल कर आरोपी फारूख की तलाश तेज कर दी है।