मायका मध्यप्रदेश व ससुराल महाराष्ट्र का बस यही से शुरू ही पति से पीडित एक पत्नी की दुख भरी दास्तान। गैर महिला के साथ पति के अफेयर से परेशान पत्नी की सुनवाई के लिए दो प्रदेशों के दो थानों के बीच चक्कर काटना पड़े। पिपलौद थाने के छह बार चक्कर काटकर परेशान होकर उसने मौत को गले लगाने की ठान ली। भाई के साथ पिपलौद थाने में पहुंची पीड़ित महिला ने सुनवाई नहीं होने पर जहर खा लिया। पुलिस ने आनन-फानन में महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
पिपलौद थाना अंतर्गत ग्राम गोंदवाड़ी की रहने वाली निकिता मालवीया व पेशे से स्पोर्ट्स टीचर अंकित मालवीया ने 2015 में लव मैरिज की थी। महिला का कहना है कि शादी के कुछ साल बाद पति का दूसरी महिला से अफेयर हो गया, जिसके चलते पति-पत्नी में विवाद बढ़ गया। इधर उस दूसरी महिला ने भी अंकित पर बलात्कार का मामला दर्ज करा दिया। इसके बावजूद अंकित अब भी उस महिला से छिपकर बात करता था। करीब तीन माह पहले सास ने घर निकाल दिया।
इसके बाद से ही निकिता पति पर मामला दर्ज कराना चाहती थी, लेकिन पिपलौद पुलिस ने उसे ससुराल महाराष्ट्र धारणी थाना अंतर्गत आने के चलते वहां भेज दिया। इधर धारणी थाना पुलिस ने निकिता को वापस पिपलौद थाना भेज दिया। इस तरह से दो प्रदेश के दोनों थानों के बीच उसकी शिकायत उलझ कर रही गई।
पिपलौद थाना प्रभारी एसएन पांडे का कहना है कि महिला के पति पर दुष्कर्म का केस दर्ज है, वह फरार हैं। सुनवाई की जा रही थी। महिला ने पता नहीं कहां जहर पीया है। गेट के पास गिरी तब पता चला की उसने कुछ खाया है।
महिला के भाई निखिल का कहना है कि पिपलोद थाना प्रभारी उन्हें हर बार मामला दर्ज करने का आश्वासन देकर थाने से चलता कर देते थे। सोमवार को भी वह बहन के साथ पिपलौद थाने गया था। हर बार की तरह आज भी टाल मटोल कर उन्हें भगाया जा रहा था। सुनवाई नहीं करने पर बहन ने थाने में जहर खा लिया। बहन सुसाइड नोट भी लेकर आई थी, जब पुलिस ने उसे जहर खाते देखा तो उससे सुसाइड नोट व जहर की पुड़िया छीन ली। इसके बाद जब वे उनकी बहन को एंबुलेंस में डालकर अस्पताल आने के लिए निकले, तब दोनों भाई-बहन से पिपलोद थाना में पदस्थ एएसआई उईके ने कोरे कागजों पर दस्तखत करवा लिए।