कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय एफपीओ, किसान समूहों समेत अन्य से मांगा आवेदन, 40 प्रतिशत मिलेगी सब्सिडी
खंडवा. फसल उत्पादन में किसानों को ड्रोन तकनीक से पूंजी, पानी और समय की बचत हो रही। ड्रोन के जरिए फसलों में दवा, खाद का छिड़काव शुरू हो गया है। किसानों के इस तकनीकी के उपयोग को देखते हुए सरकार ने हाईटेक ड्रोन हब बनाएगी। ड्रोन हब केंद्रों पर किसानों को सहूलियत मिलेगी। केंद्र खोलने के लिए सरकार अधिकतम एक करोड़ के प्रोजेक्ट पर चालीस फीसदी का अनुदान देगी।
अधिकतम पांच ड्रोन रखने की अनुमति होगी
कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय ने किसानों को आधुनिक उपकरण खरीदी के लिए वर्ष 2022-23 और 2023-24 में प्रदेश भर में दस हाईटेक ड्रोन हब बनाएगी। इसके लिए अधिकतम पांच ड्रोन रखने की अनुमति होगी। हाईटेक ड्रोन हब योजना के तहत केंद्र खोलने वाले प्रतिभागी को एक करोड़ रुपए तक के प्रोजेक्ट पर चालीस प्रतिशत यानी 40 लाख रुपए की सब्सिडी देगी। इस योजना में एफपीओ, किसानों का समूह, उद्यमी के साथ ही ऐसा आवेदक मप्र का मूल निवासी हो। अपात्र मिलने पर योजना से बाहर कर दिया जाएगा।
24 मार्च तकलिए जा सकेंगे
कृषि सहायक यंत्री के अनुसार ऑनलाइन आवेदन 24 मार्च तकलिए जा सकेंगे। अभिलेखों का परीक्षण 27 मार्च को होगा। पात्र आवेदनों की 28 मार्च को कम्प्यूटरीकृत लॉटरी निकाली जाएगी। कृषि अभियांत्रिकी की वेबसाइट www. chc. mpdage. org पर आवेदन कर सकेंगे। एक लाख रुपए के बैंक ड्रॉफ्ट की फोटो प्रति लगेगी। ड्रॉफ्ट संचालक, कृषि अभियांत्रिकी मप्र भोपाल के नाम बनेगा।
समय बचेगा
फसलों में दवा, खाद छिड़काव में किसानों को सहूलियत मिलेगी। मौसम खराब होने पर भी किसान इस तकनीकी से छिड़काव कर सकेंगे। इससे उनकी बचत होगी। किसानों के सहूलियत के लिए शासन प्रदेश में हाईटेक ड्रोन हब बना रहा है। इसके लिए शासन चालीस फीसदी अनुदान देगा।
अमित सोलंकी, असिस्टेंट कृषि यांत्रिकी, खंडवा
ये होंगे पात्र
एफपीओ, किसानों का समूह, उद्यमी, व्यक्तिगत श्रेणी में मप्र का मूलनिवासी होना चाहिए। कृषक समूह या एफपीओ में पंजीकृत हो। सरकारी, अर्द्धसरकारी नौकरी या किसी सहायता से स्व-रोजगार योजना स्थापित हो। पूर्व में किसी योजना का लाभ पा चुके हैं। ऐसे लोग अपात्र होंगे।
इंदौर समेत दस संभाग के जिले हो सकेंगे शामिल
इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के दस संभाग के सभी जिले योजना में शामिल हो सकेंगे। भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल, जबलपुर, ग्वालियर, चंबल, और सागर के सभी जिले के आवेदन शामिल हो सकेंगे।