दुनियाभर में खंडवा की पहचान बनाने वाले दिग्गज गायक किशोर कुमार की पहली पत्नी और पार्श्व गायक अमित कुमार की मां का कोलकाता में निधन हो गया, उनके निधन से खंडवा में भी शोक की लहर है...।
खंडवा। पूरी दुनिया में खंडवा की पहचान बनाने वाले दिग्गज गायक स्व. किशोर कुमार की पत्नी रूमा गुहा का निधन हो गया। सोमवार सुबह कोलकाता के बैलीगुंग स्थित अपने घर पर उन्होंने अंतिम सांस ली। किशोर कुमार की पहली पत्नी रूमा गुहा ठकुरता गायक अमित कुमार की मां हैं।
पार्श्व गायक स्व. किशोर कुमार की पहली पत्नी रूमा गुहा ठाकुरता का सोमवार को कोलकाता में 84 साल की उम्र में निधन हो गया। रूमा मशहूर फिल्ममेकर सत्यजीत रे की भतीजी थीं और उन्होने 1944 में आई फिल्म ज्वार भाटा से फिल्म की दुनिया में प्रवेश किया था।
रूमा ने हिन्दी के अलावा कई बंगला फिल्मों में काम किया। उन्होंने गंगा, अभिजान, पालातक, एंटोनी फिरंगी, 80 ते असियो ना, बालिका वधू, दादर कीर्ति, चौरिंगी लेन, भालोबाशा भालोबाशा और व्हील चेयर जैसी मशहूर फिल्मों में काम किया था। रूमा ने हिन्दी और बंगला फिल्मों के अलावा हॉलीवुड फिल्म नेमसेक में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। 2006 में वो आखिरी बार मीरा नायर की इसी फिल्म में नजर आई थीं।
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आज भी गाए जाते हैं रूमा के गीत
फिल्मों में एक्टिंग के अलावा उन्होंने कई गानों में भी अपनी आवाज दी। सन 1934 में कोलकाता में पैदा हुईं रूमा की शादी दिग्गज गायक किशोर कुमार से सन 1951 में हुई। अमित कुमार गांगुली किशोर कुमार और रूमा के ही बेटे हैं। हालांकि उनकी शादी बहुत लंबी नहीं चली और 8 साल बाद ही दोनों अलग रहने लगे। इसके बाद किशोर कुमार ने मधुबाला से शादी कर ली थी, जबकि रूमा ने अरुप गुहा ठाकुरता से शादी कर ली थी। दोनों की बेटी श्रोमोना गुहा ठाकुरता बंगाली सिंगर हैं। 1958 में रूमा ने कलकत्ता (अब कोलकाता) यूथ क्वायर (Calcutta Youth Choir) नाम की संस्था बनाई थी जिसमें नए-नए सिंगर्स को प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जाता है।
ममता ने ट्वीट कर जताया शोक
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किशोर कुमार की पत्नी रूमा गुहा ठाकुरता के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि रूमा गुहा ठाकुरता के निधन से सदमे में हूं। सिनेमा और संगीत की दुनिया में उनका अमूल्य योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
अक्सर खंडवा आती थीं रूमा
खंडवा में जन्मे किशोर कुमार रूमा गुहा के साथ विवाह के बाद अक्सर खंडवा आया करते थे। यहां पर उनका बंगला था। हालांकि वो बंगला अब नीलाम हो गया है। लेकिन, खंडवा के लोगों की यहां आज भी यादें जुड़ी हैं। खंडवा के लोग बताते हैं कि वे अक्सर यहां आ जाते थे। यहां के बाजार में पुराने मित्रों से मिलना और पौहे जलेबी के शौकीन थे। उनके साथ ही रूमा भी आया करती थीं।