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खालवा गैंग रेप मर्डर… मामले की सूक्ष्मता से जांच हो, किसी के दबाव में प्रभावित न हो -कांग्रेस डेलिगेशन

-हम पर कोई दबाव नहीं, एसपी खुद कर रहे मानिटरिंग, एएसपी कर रहे जांच -कलेक्टर -कांग्रेस डेलिगेशन पहुंचा पीडि़त के गांव, ग्रामीणों से की चर्चा, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

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खंडवा

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Manish Arora

May 27, 2025

खालवा थाना क्षेत्र के एक गांव में आदिवासी महिला से गैंग रेप और मर्डर के बाद पूरे प्रदेश में राजनीति भी गरमा गई है। पीसीसी चीफ के निर्देश पर कांग्रेस डेलिगेशन ने सोमवार को घटना वाले गांव पहुंचकर पीडि़त परिवार से चर्चा की। इसके बाद डेलिगेशन खंडवा पहुंचा और कलेक्टर, एसपी से चर्चा की। डेलिगेशन ने पूरा मामला निर्भया हत्याकांड से भी विभत्स बताया और इस मामले में प्रशासन व पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस डेलिगेशन ने ये भी बताया कि एक आरोपी हरी अपनी गर्भवती बीबी की पीट-पीटकर हत्या कर चुका है। कांग्रेस डेलीगेशन ने मांग की कि मामले की जांच सूक्ष्मता हो, किसी के दबाव में जांच प्रभावित न हो। कलेक्टर ने कहा संवेदनशील मामला है, इसमें कोई दबाव हम पर नहीं है। पुलिस अधीक्षक स्वयं इस मामले को देख रहे है। उनकी कार्यप्रणाली पर कोई शंका नहीं है।

इन बिंदुओं पर की चर्चा
-सूक्ष्मता से जांच की जाए, आरोपी दो से अधिक हो सकते है, क्या रेप वहीं हुआ थाïïï, घटना स्थल दूसरी जगह भी हो सकता है।

प्रशासन- मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। जो बिंदू बताए गए हैं, जांच में उनको भी शामिल किया जाएगा। आरोपियों के अपराधिक रिकॉर्ड भी चेक करेंगे।
-शव को परिजन ट्रैक्टर में डालकर ले गए, पोस्टमार्टम के लिए किराये की गाड़ी करके आना पड़ा। लोकल प्रशासन की कमी महसूस हुई, गरीब परिवार था उसे कोई मदद नहीं मिली।
प्रशासन- शव वाहिनी नहीं होने से घटनास्थल से गांव के ही एक व्यक्ति की मदद लेकर उसके ट्रैक्टर से लाए थे। चौकी प्रभारी ने 4 हजार रुपए देकर एक कार उपलब्ध कराई थी। पुलिस ने इस मामले में काफी संवेदनशीलता दिखाई।
-इतनी देर क्यो लगी पुलिस को सूचना देने में, सूक्ष्म जांच हो, कोई उन्हें रोक रहा था तो उसका भी पता किया जाए। मंत्री का क्षेत्र है इसलिए मामला दबाने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा।
प्रशासन – इस मामले को काफी गंभीरता से लिया गया है। परिवार की ओर से काफी देर बाद सूचना दी गई। जैसे ही जानकारी मिली, पुलिस जांच में जुट गई। पुलिस किसी भी दबाव में काम नहीं कर रही है।
-फास्ट टै्रक कोटे में ले जाया जाए, फांसी से कम सजा नहीं हो
प्रशासन- पुलिस ने इस केस को चिह्नित जघन्य हत्याकांड में शामिल कर दिया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट में भी इसे ले जाया जा रहा है।
-तत्काल आर्थिक सहायता की स्थिति है, संबल योजना में भी लाभ दिया जाए।
प्रशासन-
इस मामले में आरबीसी 6, 4 के प्रावधान लागू नहीं होते, स्वेच्छा अनुदान से 50 हजार दिए है। 5 हजार अंत्येष्टी के लिए संबल योजना से दिए गए। संबल 2 में हत्या के मामले में 4 लाख दिलाए जाने का प्रयास किया जाएगा। परिवार को राशन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
-25 लाख की मदद मुख्यमंत्री राहत कोष से हो और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए
प्रशासन- आपका ज्ञापन हम उच्च अधिकारियों तक पहुंचा रहे हैं। मुख्य सचिव से भी इस बारे में चर्चा की है। जिन योजनाओं का लाभ परिवार को मिलना चाहिए, सब प्रयास किए जा रहे है। पीडि़त प्रतिकार योजना में उनका आवेदन भी करा दिया गया है। केस कोर्ट में जाने के बाद वह प्रोसेस में आएगी।

ये रहे मौजूद
डेलिगेशन में पूर्व अध्यक्ष अभा महिला कांग्रेस शोभा ओझा, पूर्व मंत्री मप्र शासन विजयालक्ष्मी साधौ, भीकनगांव विधायक झूमा सोलंकी मौजूद रहीं। साथ ही आदिवासी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रामू टेकाम, पूर्व विधायक राजनारायण सिंह, डॉ. मुनीश मिश्रा, अवधेश सिसोदिया, जिपं सदस्य मनोज भरतकर, नानकराम बड़वाहे, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष रचना तिवारी, शहर अध्यक्ष हेमलता पालीवाल, कुंदन मालवीय, शांतनु दीक्षित, प्रेमांशु जैन, कड़वा पटेल, प्रणेंद्र रांका सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे।