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भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के क्षेत्र में ये हाल: भाजपा मंडल अध्यक्ष भ्रष्टाचार में बर्खास्त तो महामंत्री पर 28772 का जुर्माना ठोंका

मध्यप्रदेश खंडवा के हरसूद में भाजपा महामंत्री संतोष सोनी को सरकारी आवास में कब्जे को लेकर जुर्माना और सरपंच राजेश पटेल को घोटाले में बर्खास्त किया।
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Khandwa removes BJP Sarpanch in corruption

Khandwa removes BJP Sarpanch in corruption

खंडवा. प्रदेश के कदवर नेता और हाईप्रोफाइल शिक्षा मंत्री विजय शाह के ग्रह क्षेत्र में भाजपा के बूरे हाल है। यहां पार्टी के नेता और जिम्मेदारी संगठन के लोग नशे में चूर है। जी हां यहां भाजपा महामंत्री संतोष सोनी ने सरकारी आवास में कब्जा कर अवैध रूप से रहने लगे थे। जिस पर 28 हजार 772 रुपए का जुर्माना ठोंका है। वहीं भाजपा के मंडल अध्यक्ष और निशानिया गांव के सरपंच राजेश पटेल को भ्रष्टाचार के चलते पद से बर्खास्त कर दिया है। ये दोनों ही फैसला एसडीएम कोर्ट ने सुनाया है।

सरकारी आवास में कब्जे पर कोर्ट का फैसला
आपको बता दें हम भाजपा के जिला महामंत्री को शासकीय भवन में अवैध रूप से रहने के कारण उनसे जुर्माना वसूला जाएगा। एसडीएम न्यायालय में हुई शिकायत में यह फैसला आया है। महामंत्री संतोष सोनी को 28772 रुपए भरने होंगे। कांग्रेस से निष्कासित नेता सौभाग सांड ने 24अगस्त 2017 को एसडीएम को दी शिकायत में बताया कि जनपद लिपिक शकील कान को आवंटित शासकीय आवास में भाजपा जिला मंत्री संतोष सोनी अवैधानिक रूप से निवासरत हैं। उन्होंने हाल ही में हुए नगर परिषद चुनाव का संचालन भी इसी आवास से किया। यहां शासकीय कर्मचारियों को डरा.धमका कर भाजपा के पक्ष में मतदान के लिए प्रेरित किया। यह आचार संहिता के उल्लंघन की श्रेणी में आता है।

भाजपा का मंडल अध्यक्ष-सरपंच ने किया भ्रष्टाचार
जिला पंचपायत सीईओ डॉ वरदमूर्ति मिश्र के यहां निशानिया सरपंच राजेश पटेल को 14वें वित्त के तहत बगैर कार्य कराए राशि आहरित करने तथा प्रधानमंत्री आवास के लिए हितग्राहियों से 10-10 हजार रु लेने के प्रकरण में पंचायत अधिनियम की धारा 40 के तहत पद से हटा दिया। उन्होंने दो सीसी रोड बनाए बगैर 1.94 तथा 1.96 लाख रु निकाले थे। आवास के हितग्राही मुल्लू पिता रामलाल, अशोक पिता कैलाश पंवार ने 11 जुलाई 2016 को रुपए लेने की शिकायत की थी। जांच और प्रतिवेदन में दोनों ही शिकायतें सही पाई गई। इसके बाद सीईओ मिश्र ने सरपंच राजेश पटेल को पद से हटाने के साथ छह साल तक पंचायत निर्वाचन के लिए अयोग्य घोषित किया है।