
latest news of dadaji dham khandwa
खंडवा. अवधूत संत धूनीवाले दादाजी के मंदिर निर्माण पर दो राय है। ट्रस्ट ने १०८ खंभों के मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन करा दिया है, जबकि रामेश्वर दयाल उर्फ छोटे सरकार के समर्थक ८४ खंभों का संगमरमर का मंदिर निर्माण चाहते हैं। इस बीच नया मामले सामने आया। अमरावती, नागपुर, पांर्ढुंना, बडूद सहित अन्य क्षेत्रों से सूचना आई है कि कुछ लोग दादाजी मंदिर निर्माण के लिए चंदा मांगने निकले हैं। इस मामले पर धूनीवाला आश्रम पब्लिक ट्रस्ट ने कहा है कि हम रसीद का कट्टा लेकर कहीं नहीं जाते हैं। क्योंकि दादाजी के नाम से दान मांगना निषेध है। ट्रस्टी सुभाष नागोरी ने बताया कि सोशल मीडिया पर मैसेज डालकर ये संदेश भेजा है कि एेसे किसी भी शख्स को दान न दें। ट्रस्ट के बैंक अकाउंट या फिर दादाजी धाम में आकर ही दें। छोटे दादाजी महाराज के नियम के अनुसार, आश्रम के लिए दान एवं चंदा मांगने की मनाही है। भक्तों द्वारा स्वेच्छा व स्वप्रेरणा से दी गई भेंट आश्रम में स्वीकार की जाती है।
इंदौर में होगी मिट्टी की जांच
दादाजी धाम में तीन गड्ढे करीब सात-सात फीट के खोदे गए हैं। इनकी अलग-अलग स्टेज की मिट्टी इंदौर ले गए हैं। सोमवार तक इसकी रिपोर्ट आने की संभावना है। ये जांच मिट्टी की क्षमता पता करने के लिए की जा रही है।
इस महीने सामने होगा थ्रीडी नक्शा
मंदिर निर्माण के लिए थ्रीडी डायमेंशन नक्शा २५ दिसंबर तक सामने आ सकता है। ट्रस्ट के अनुसार, इस पर इंजीनियर्स तैयारी कर रहे हैं। बता दें कि भूमिपूजन के बाद से ही ये मांग उठ रही है कि नक्शा सामने लाया जाए।
नियम-17 का दिया हवाला, महाराष्ट्र में भेजे ज्यादा मैसेज
दादाजी मंदिर निर्माण के लिए अमरावती, नागपुर, पांर्ढुंना, बडूद क्षेत्र से चंदा मांगने की सूचना मिलने के बाद सक्रिय हुए ट्रस्ट ने दादाजी धाम के नियम-17 का हवाला देते हुए कहा कि यहां के नाम पर कोई राशि मांगे तो उसे न दें। धूनीवाला आश्रम पब्लिक ट्रस्ट ने महाराष्ट्र क्षेत्र में इस संबंध में ज्यादा मैसेज भेजे हैं। साथ ही महाराष्ट्र की मीडिया से भी संपर्क कर कहा है कि इस प्रकार की खबर प्रकाशित करें ताकि लोग ठगने से बच जाएं।
ये है नियम नंबर-17
छोटे दादाजी द्वारा बनाए गए नियमों में नियम-17 के अनुसार, दादा दरबार के बाहर, भीतर या देश-विदेश में दादाजी के प्रीत्यर्थ या मेरे प्रीत्यर्थ चंदा आदि मांगने का अधिकार किसी भी व्यक्ति को नहीं है। इसी तरह दादाजी के लिए या मेरे लिए उधारी चीजें व नकद कर्ज आदि देने-लेने का अधिकार भी किसी व्यक्ति को नहीं है। दादाजी की प्रख्याति या मत विस्तार के नाम से चंदा आदि वसूल करने-कराने का तथा पंडे, पुजारी, दलाल आदि बनकर किसी चढ़ोत्री भेंट आदि वसूल करने का अधिकार किसी व्यक्ति को नहीं है।
Published on:
13 Dec 2017 10:53 pm
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