खंडवा. कोर्ट में राजीनामा नहीं करने पर हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले पिता-पुत्रों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ममता जैन की न्यायालय ने अभियुक्त लखन पिता हरिराम (45), दीपक पिता लखन (22), गोपाल पिता लखन (20), सभी निवासी कालमुखी, धनगांव को आइपीसी की धारा 302 सहपठित धारा 34 में आजीवन कारावास एवं दो- दो हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन की ओर से प्रकरण का संचालन जिला लोक अभियोजन अधिकारी चंद्र शेखर हुक्मलवार ने किया।
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी मो. जाहिद खान ने बताया कि फरियादी नारायण पिता दयाराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 18 अक्टूबर 2021 को वह करण, सतीश, कडवाजी चारों कडवाजी के घर सामने ओटले पर बैठे थे। रात 8 बजे करीब प्रवीण पिता मगन बड़गुर्जर मजदूरी कर घर तरफ जा रहा था। इतने में लखन, दीपक, गोपाल, महेश चारों एक साथ आए और प्रवीण का रास्ता रोक लिया। गालियां देते हुए राजीनामा का दबाव बनाया। प्रवीण ने मना किया तो हत्या की नीयत से दीपक ने प्रवीण के सिर में पत्थर मार दिया। गोपाल ने लकड़ी से, महेश ने बेल्ट से मारा। प्रवीण की मां इंदिरा बाई छुड़ाने आई तो लखन ने हाथ मुक्कों से मारपीट कर दी। इसके बाद चारों आरोपी वहां से भाग गए। अस्पताल लाने पर उपचार के दौरान प्रवीण की मृत्यु हो गई। रिपोर्ट पर पुलिस ने अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। जिसमें गवाह और साक्ष्यों के आधार पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पिता- पुत्रों को उम्रकैद का फैसला सुनाया है।