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संघ ने संगठन के साथ किया मंथन, कहा- टिकट तय होते ही साथ करना है काम, माथे पर कलंक नहीं लगना चाहिए

राजनीति...डेढ़ घंटे चली गोपनीय बैठक। भाजपा में चल रही गुटबाजी, मनमुटाव और मतभेद को दूर करने के लिए संघ ने दी दखल।

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खंडवा

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Amit Jaiswal

Oct 23, 2018

BJP

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खंडवा. विधानसभा चुनाव-2018 के समर में जीत दर्ज करने में रोड़ा बन सकने वाली गुटबाजी, मनमुटाव और मतभेद को दूर करने के लिए भारतीय जनता पार्टी के संगठन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दखल दी है।

सांमजस्य व समन्वय बनाने के दृष्टिकोण से सोमवार शाम को अग्रसेन भवन में डेढ़ घंटे तक गोपनीय बैठक हुई। सूत्रों के अनुसार, अंदर की जो पुख्ता जानकारी सामने आई है, उस हिसाब से संघ पदाधिकारियों ने कहा कि प्रत्याशी जो भी हो, उसे जीत दर्ज करानी है। मतभेद, मनमुटाव खत्म करना है। 27-28 अक्टूबर तक टिकट फाइनल हो जाएंगे। इसके साथ ही सबको साथ में काम करते हुए आगे बढऩा है। बैठक में संघ से डॉ. पीपी शास्त्री, विक्रम रघुवंशी, परमानंद पाटील, महेंद्र शुक्ला, भूपेंद्र सिंह चौहान और संगठन से जिलाध्यक्ष हरीश कोटवाले, नगर अध्यक्ष धर्मेंद्र बजाज, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजेश डोंगरे, पुरुषोत्तम शर्मा, भगवानदास आरतानी, विधायक देवेंद्र वर्मा के भाई वीरेंद्र वर्मा सहित अन्य शामिल हुए। बता दें कि बीते छह महीने से लगातार बीजेपी का अंदरूनी कलह सामने आ रहा है। खासतौर से खंडवा विधानसभा में वर्तमान विधायक के विरोध में एक धड़ा सक्रिय हो गया है, जिसने भोपाल से लेकर दिल्ली तक अपनी बात रखते हुए बदलाव की मांग की है। ऐसे में इस समन्वय बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बैठक में ये हुआ, इन्होंने ये कहा
- डॉ. पीपी शास्त्री ने संघ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संघ की स्थापना कब व कैसे हुई तथा ये कैसे काम करते हुए आगे बढ़ा। पूरी अवधारणा समझाई।
- विक्रम रघुवंशी ने कहा कि आने वाला समय परिश्रमवाला है। जिसको टिकट मिले, उसके लिए जी-जान से जुटना है। जिनको काम करना है, वो करे। जिन्हें नहीं करना है वो या तो घर बैठें या कुछ दिन ससुराल चले जाएं।
- परमानंद पाटील ने कहा कि चुनावी समय में चाय-पान दुकानों पर चर्चा न करें। सार्वजनिक स्थानों पर संगठन विरोधी बात न करें।
- मंच संचालन करते संघ की तरफ से लोकसभा प्रभारी बनाए गए भूपेंद्र सिंह चौहान ने भी अपनी बात रखी। बैठक में जिला व नगर पदाधिकारी शामिल हुए।

- समन्वय बैठक थी
उनकी (संघ) बैठक थी, जिसमें हमने अनुमति मांगी थी कि क्या हम आ सकते हैं। इसमें विधानसभा के पदाधिकारी शामिल हुए। ये समन्वय बैठक थी। जैसे प्रति महीने होती है। चुनाव को लेकर विचार-विमर्श हुआ है।
हरीश कोटवाले, जिलाध्यक्ष, भाजपा

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