
MP News: मध्यप्रदेश के खंडवा जिले से बड़ा मामला सामने आया है। जहां लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए सीजीएसटी के प्रभाग खंडवा के सुपरिटेंडेंट को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते ट्रैप किया है। फरियादी से अफसर ने अमेंडमेंट कराने और रजिस्ट्रेशन को बहाल करने की एवज में रिश्वत मांगी थी।
इंदौर लोकायुक्त की कार्रवाई में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर तथा उत्पाद शुल्क (CGST) प्रभाग खंडवा के सुपरिंटेंडेंट मुकेश त्रिपाठी को 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है। इसकी शिकायत राहुल बिरला ने की थी। जहां खरगोन में जीएसटी रिटर्न एवं एकाउंटिंग का काम सनावद में रहकर करते हैं।
सीजीएसटी के सुपरिटेंडेंट मुकेश त्रिपाठी द्वारा एक मेडिकल फर्म का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिया गया था। इसके साथ तीन फर्मों में अमेंडमेंट कराना था। जिसके लिए उनके द्वारा 20 हजार रूपए की रिश्वत मांगी जा रही थी। इसकी शिकायत राहुल बिरला ने लोकायुक्त में कर दी।
सुपरिंटेंडेंट ने आवेदक के दोनों काम करवाने की एवज में 20 हजार रूपए की रिश्वत मांगी थी। जिसे 23 अक्टूबर को लोकायुक्त ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। सुपरिंटेंडेंट CGST के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम निवारण 2018 की धारा 7 के अंतर्गत कार्रवाई की है।
Updated on:
25 Oct 2024 02:49 pm
Published on:
25 Oct 2024 02:48 pm
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