
जिले में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए 35 हजार 502 किसानों ने पंजीयन कराया था। इनमें से अब तक केवल 25 हजार 748 किसानों की स्लॉट बुकिंग हो सकी है। जबकि 21 हजार 102 किसानों से ही गेहूं खरीदा जा सका है। बड़ी संख्या में किसान अभी भी अपनी उपज बेचने का इंतजार कर रहे हैं। पंजीयन कराने के बाद भी किसानों के स्लाट बुक नहीं हो रहे हैं। इससे किसानों में आक्रोश है।
किसानों का कहना है कि 15 दिनों से पोर्टल पर स्लॉट बुकिंग बंद है। गांवों से किसान रोजाना केंद्रों और साइबर कैफे के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन स्लॉट उपलब्ध नहीं होने से उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है। मोबाइल से भी स्लाट बुक नहीं हो रहे है। विभाग का पोर्टल ओपन ही नहीं हो रहा है। घरों में गेहूं भरा हुआ है, जिससे बारिश और खराब मौसम में नुकसान की आशंका बनी हुई है।
भुगतान में भी हो रही देरी
गेहूं खरीदी के बाद किसानों को भुगतान मिलने में भी देरी हो रही है। जिले में खरीदे गए गेहूं के बदले अब तक 300.06 करोड़ का भुगतान हो गया है लेकिन करीब 386.71 करोड़ रुपए का भुगतान किसानों को नहीं हो पाया है। इससे किसानों की आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं। किसानों का कहना है कि एक तरफ उपज बेचने में परेशानी हो रही है, वहीं दूसरी ओर भुगतान अटकने से खेती और घरेलू खर्च प्रभावित हो रहे हैं।
तारीख बढ़ाने से किसानों का कोई फायदा नहीं
भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री सुभाष पटेल ने बताया कि समर्थन मूल्य पर गेंहू खरीदी की तिथी 23 मई से बढ़ाकर 28 मई कर दी गई है लेकिन स्लाट बुक नहीं हो रहे हें। ऐसे में तारीख बढ़ाने को कोई मतलब नहीं हैं, इससे किसानों को कोई फायदा मिलने वाला नहीं हैं। स्लाट बुकिंग दोबारा शुरू करने पर ही किसान को फायदा होगा।
Updated on:
22 May 2026 11:44 am
Published on:
22 May 2026 11:44 am
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