
खंडवा : अतिक्रमण के बचाव में एक पूरा परिवार रिश्तेदारों के साथ सांसद के पास पहुंचा।
शहर में अतिक्रमण की कार्रवाई आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ गई। इसको लेकर अफसर-नेताओं के बीच सामंजस्य नहीं बैठ रहा है। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के हस्तक्षेप पर व्यापारियों को विस्थापन की कार्रवाई करने और भूमि आवंटन को लेकर अफसरों की माथापच्ची बढ़ गई है।
शहर में अतिक्रमण की कार्रवाई का मामला तूल पकडऩे लगा है। गुरुवार को अतिक्रमण के विरोध के बीच अतिक्रमण कारियों को संरक्षण देने और हटाने सुबह से देर शाम तक माथापच्ची चली। सुबह हिंदू संगठनों ने जिला प्रशासन को आवेदन देकर पक्षपात का आरोप-प्रत्यारोप मढे। दोपहर कलेक्ट्रेट में सांसद से मिलने स्टेशन रोड के प्रभावित कारोबारी पहुंचे। फिर भी मामला नहीं बना।
कलेक्ट्रेट में स्टेशन रोड के प्रभावित कारोबारी विशाल जैन, पूर्व पार्षद लक्ष्मण सिंह चौहान समेत अन्य सांसद से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे। सांसद से मिलकर कारोबारियों ने गुहार लगाई। सांसद ने कलेक्टर ऋषव गुप्ता को निर्देश दिए कि सभी दुकानदारों की एक साथ विस्थापन की कार्रवाई करें। आश्वासन के बाद व्यापारी लौट गए।
इंदिरा चौक स्थित भंडारिया रोड पर अतिक्रमण नहीं हटाए जाने के पक्ष में एक पूरा परिवार रिश्तेदारों के साथ सांसद के घर पहुंचा। सांसद ने उन्हें आश्वासन दिया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। इधर, अफसर और नेताओं के पास कोई बचाव में तो कोई अतिक्रमण की कार्रवाई को प्रभावित को लेकर सक्रिय है। यही नहीं कुछ लोगों ने तो निगम और राजस्व अधिकारियों की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। भंडारिया रोड पर करोड़ों की जमीन पर अतिक्रमण करने वालों का बचाव किया जा रहा है।
इंदिरा चौक के निकट भंडारिया रोड पर नजूल की 7720 वर्म फीट एरिया में अघोषित कब्जा के मामले में कलेक्टर के निर्देश पर गुरुवार की शाम राजस्व अधिकारी मौके पर पहुंचे। साथ में सिटी मजिस्ट्रेट भी रहे। इस दौरान भाजपा के कुछ कार्यकर्ता भी पहुंचे थे। कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर की टीम को भंडारिया रोड के अलावा दो अन्य जगहों पर भूमि दिखाई। देररात तक पसंद न पसंद का खेल चलता रहा। इस लिए शुक्रवार को भूमि देखने का निर्णय लिया गया है।
सांसद, विधायक के कहने पर अधिकारियों के साथ जमीन देखने के लिए गए हुए थे। भंडारिया रोड समेत दो जगहों पर देखा गया है। रात होने के कारण निर्णय नहीं हो सका है। शुक्रवार को देखने के बाद विस्थापन के लिए अधिकारियों के समक्ष प्रस्ताव रखा जाएगा।
Updated on:
22 May 2026, 11:53 AM IST
Published on:
22 May 2026, 11:53 AM IST
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