
चिल्ड्रन विद स्पेशल नीड्स ( सीडब्ल्यूएसएन ) छात्रावास में ब्रेल और संगीत कला की क्लास
अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर विशेष : सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास में दिव्यांग बच्चे सीखे रहे ब्रेल, संगीत के साथ माटी कला की गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। चिल्ड्रन विद स्पेशल नीड्स ( सीडब्ल्यूएसएन ) छात्रावास में ब्रेल और संगीत कला की क्लास दिव्यांग बच्चों के जीवन में उमंग और खुशियों का रस घोल रही हैं। छात्रावास में दिव्यांग बच्चे मूक अभिनव के साथ ही माटी कला के साथ ही अन्य दैनिक गतिविधियों के गुर सीख रहे हैं।
म्यूजियम थेरेपी जैसी सुविधाएं जल्द मिलेगी
सबकुछ योजना के तहत हुआ तो जल्द ही दिव्यांग बच्चों के लिए म्यूजियम थेरेपी जैसी सुविधाएं शुरू की जाएगी। सरकार की यह अनूठी पहले प्रदेश के कुछ जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने की तैयारी है। जिला मुख्यालय पर सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास में आठ से दस दिव्यांग बच्चे ब्रेल, संगीत और म्यूजियम जैसी कला सीख रहे हैं। दृष्टि बाधित शिक्षक शेष राव बल्डे प्रतिदिन सुबह-शाम ब्रेल के साथ संगीत कला सिखा रहे हैं।
दिव्यांग बेटे को हुनर सिख रहे दृष्टि बाधित दंपती
छात्रावास में केसुन गांव के दिव्यांग कीर्तन यादव कक्षा तीन में पढ़ता है। कीर्तन के ब्रेल और संगीत के बेहतर प्रदर्शन से यहां आने वाले जनप्रतिनिधि भी उसके कायल हो गए हैं। कीर्तन की माता रत्ना बाई दृष्टि और पिता उत्तम यादव अस्थि बाधित हैं। माता-पिता ने कीर्तन को इस उम्मीद से छात्रावास में रखा है कि वह जिंदगी जीने के लिए कोई कला सीख ले। इसी तरह कई अन्य बच्चे भी ब्रेल के साथ हारमोनियम के साथ संगीत कला सीख रहे हैं।
संगीत खुशियों का करती संचार
छात्रावास की वार्डन अंजलि शिंदे कहती हैं कि संगीत जीवन के अभावों को दूर करता है। जीवन में उमंग के रस घोलता है। संगीत न केवल जीवन से अवसाद को निकलता है बल्कि खुशियों का संचार भी करता है। छात्रावास में जनसहयोग से हारमोनियम भी लेकर दिव्यांग बच्चों को संगीत सिखा रहे हैं।
मूक अभिनय में प्रदेश स्तर पर पहुंचे बच्चे
छात्रावास में दिव्यांग बच्चे माटी कला के साथ ही मूक अभिनय का बेहतर गुर सीख रहे हैं। वार्डन कहती हैं कि सहायक वार्डन सुनीता मूवेल के साथ मिलकर बच्चों को मूक अभिनव के माध्यम से पढ़ना, लिखने के साथ ही दैनिक कार्य सीख रहे हैं। वार्डन ने बताया कि मूक अभिनव का प्रदर्शन अच्छा होने से प्रदेश स्तर पर राधा किशन, आयुष, धनराज, नैतिक, दुर्गा और निरूिता आदि बच्चे प्रस्तुति दे चुके हैं।
जिले में 13 हजार दिव्यांग
जिले में सामाजिक न्याय विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 13 हजार दिव्यांग हैं। इसमें बच्चे से लेकर बुजुर्ग की संख्या शामिल हैं। छात्रावास के अलावा सामाजिक संस्था की ओर से भी एक अन्य संस्था संचालित है। दोनों संस्थाओं में बच्चे रहते हैं। लेकिन वे स्कूल में पढ़ने के लिए जाते हैँ।
पुलिस लाइन में पुरस्कृत होंगे बच्चे
विश्व दिव्यांग दिवस पर पुलिस लाइन में शिक्षा और सामाजिक न्याय विभाग की ओर से जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी पीएस सोलंकी ने बताया कि खेल, कूद समेत अन्य गतिविधियों में अव्वल बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा।
Updated on:
10 Dec 2024 03:32 pm
Published on:
03 Dec 2024 11:33 am

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