मप्र सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी मांग पर अड़े, मनाने पहुंचे अफसर बैरंग लौटे
खंडवा. चालू माह में राशन वितरण की व्यवस्था बेपटरी हो गई है। सहकारिता कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन चौदहवें दिन भी जारी रहा। इससे राशन दुकानों का ताला नहीं खुला। कलेक्ट्रेट परिसर में आंदोलित कर्मचारियों का धरना स्थगित कराने पहुंचे डीआर आरएस कलेश और डीएसओ अरुण कुमार तिवारी को भी बैरंग लौटना पड़ा। सहकारिता के आंदोलित कर्मचारी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं।
कलेक्ट्रेट में धरना स्थल से लौटे डीआर, डीएसओ
कलेक्ट्रेट परिसर में मप्र सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों का प्रदर्शन 16 अगस्त से शुरू हुआ। भोपाल से लेकर जिला स्तर पर सहकारिता संगठन के प्रतिनिधि मंडल और सरकार के बीच वार्ता विफल रही। बात नहीं बनने से अनिश्चित कालीन आंदोलन जारी है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना स्थल पर डीआर और जिला आपूर्ति अधिकारी कर्मचारियों को प्रदर्शन बंद करने के लिए पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलित कर्मचारियों को समझाइश देकर वितरण चालू करने को कहा। बात नहीं बनी तो उन्हें लौटना पड़ा।
32 फीसदी परिवारों को खाद्यान्न नहीं मिला
मंगलवार की स्थिति में राशन दुकानों पर 32 फीसदी परिवारों को खाद्यान्न नहीं मिला है। उचित मूल्य की दुकानों में ताला बंद होने से इस बार 76 हजार परिवार यानी 3.84 लाख सदस्यों का रक्षा बंधन का त्योहार फीका रहेगा। जिले में 2.40 लाख परिवारों को राशन मिलता है। प्रत्येक परिवार में औसत पांच सदस्यों की दर से करीब 12 लाख सदस्य होते हैं। वितरण के लिए 485 दुकानों में से सहकारिता की 329 दुकानों पर ताला लटक रहा है। अधिकारियों का दावा है कि अब तक 68 प्रतिशत परिवारों को राशन वितरण हो गया है। शेष अभी 76 हजार परिवारों को राशन नहीं मिला है।