
श्रद्धालुओं ने अभय घाट और चट्टानो के बीच भरे जल में स्नान किया।
ओंकारेश्वर . गंगा दशहरे के पवित्र त्योंहार पर कोटितीर्थ, चक्रतीर्थ व ब्रह्मपुरी घाट पर स्नान प्रतिबंधित कर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इस दौरान घाटों पर पूजा-अर्चना भी नहीं करने दी गई। श्रद्धालुओं ने नागर घाट अभय घाट और चट्टानो ंके बीच भरे जल में स्नान किया। उधर दर्शन की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। वीआइपी दर्शन व्यवस्था भी प्रभावित रही।
श्रीजी मंदिर ट्रस्ट द्वारा कलेक्टर के दौरे के बाद ज्योतिर्लिंग दर्शन व्यवस्थाओं में सुधार किया गया था जिससे आधे घंटे में दर्शन हो रहे थे किंतु उसके दो-तीन दिन बाद ही व्यवस्थाएं जस की तस हंैं। मंदिर में वीआइपी टिकट के बाद भी श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए 6 से 7 घंटे लग रहे है। कोटि तीर्थ घाट चक्रतीर्थ घाट और ब्रह्मपुरी घाट पर प्रतिबंध के कारण श्रद्धालुओं ने नागर घाट और संगम घाट पर स्नान किया।
चट्टानों पर लोगों ने किया स्नान
इंदौर के बाणगंगा चौराहे के शिव शंकर यादव ने दु:खी मन से कहा कि मेरी उम्र लगभग 80 वर्ष हो चुकी है। मैंने नर्मदा की ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं देखी। परिवार सहित मां के दरबार में चट्टानों पर जाकर चुनरी चढ़ाई । परिवार गिरते पड़ते मां के दरबार तक पहुंचा। शिवराज सरकार के राज में कलकल बहती पुण्य सलिला मां नर्मदा की अविरल धारा कब तक बहेगी। यहां पर स्टाप डैम सरकार को जल्दी बनाना चाहिए ।
पूजन भी नहीं कर पाए
26 मई को एसडीएम पुनासा द्वारा दिए गए आदेश के परिपालन में चक्रतीर्थ घाट ,कोटि तीर्थ और ब्रह्मपुरी घाट पर पुलिस बल तैनात कर इसे बंद कर दिया गया था। यहां पर श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित हा। आदेश में घाटों पर पूजन अर्चन करना प्रतिबंधित नहीं था किंतु घाटों पर श्रद्धालुओं को जाने नहीं दिया गया जिससे वह इन घाटों पर पूजन भी नहीं कर पाए।श्रद्धालुओं ने वीआइपी दर्शन का 300 रु. का टिकट लेने के बाद भी दर्शन नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की।
7 घंटे की कतार, निराश होकर लौटे
गंगा दशमी पर 50 हजार से अधिक श्रद्धालु आए। ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में अव्यवस्थाओं के चलते श्रद्धालु बिना दर्शन के ही लौट गए। नंदूरबार महाराष्ट्र के डॉ. चेतन बिरला ने कहा कि गंगा दशमी पर परिवार सहित दर्शन करने आया था। वीआइपी श्रीजी मंदिर ट्रस्ट क से 300 रु. का टिकट लेने के बाद भी 7 घंटे लंबी लाइन में लगा। आखिर में बाबा की ध्वजा के दर्शन कर लौटना पड़ा। डॉ. बिरला ने कहा कि उज्जैन महाकाल में अच्छी व्यवस्था है। ओंकारेश्वर में भी अच्छी व्यवस्था होगी। यह सोचकर महाराष्ट्र से आए थे। मुझे दर्शन नहीं हुए इसका गम नहीं पर छोटे-छोटे बच्चे घंटों लाइन में लगे रहे। पं. अभिषेक डाले ने बताया कि 300 रु. में वीआइपी ऑनलाइन बुकिंग के बाद भी नीचे मुख्य मार्ग पर पुलिस जवान भी नहीं जाने दे रह हैं। घंटों लाइन में लगने के बाद भी वीआइपी दर्शन नहीं हो रहे। प्रशासन द्वारा ब्रह्मपुरी कोटितीर्थ, चक्रतीर्थ व प्रमुख घाटों को बंद करने से श्रद्धालुओं को नर्मदा नदी में पानी कम होने पर चट्टानों पर स्नान करना पड़ा।
Published on:
31 May 2023 06:19 pm
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